समाजसेवी संस्थाओं व युवाओं की सराहनीय पहल

लॉक डाउन के दौरान खाने-पीने के लिए परेशान आदिवासी परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को जैन समाज के लोगों ने पड़ोरा भेड़ फार्म पर स्थित सहराने व सेसई की आदिवासी बस्ती पहुंचे।

By: rishi jaiswal

Published: 27 Mar 2020, 07:25 PM IST

शिवपुरी. कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉक डाउन से उन लोगों व परिवारों की हालत अधिक खराब हो गई, जो हर रोज कमाकर खाते थे।

उनके घरों में चूल्हा न जलने की नौबत आ गई थी। ऐसे में जहां कुछ समाजसेवी संस्था इन्हें राशन उपलब्ध कराने पहुंचीं, तो एक संस्था ने नरसिंहपुर की शिवपुरी में फंसी रेलवे की लेवर के छह युवकों को उनके घर पहुंचाने के लिए वाहन व भोजन उपलब्ध कराया।


शहर की कठमई स्थित आदिवासी कॉलोनी में रहने वाले आदिवासी परिवारों के बीच शुक्रवार को भारत विकास परिषद के अध्यक्ष हेेमंत ओझा अपने साथियों के साथ ऑटो में चावल के कट्टे भरकर पहुंचे। इस बस्ती में रहने वाले एक सैकड़ा आदिवासी परिवारों को चावल के कट्टे तो दिए ही, साथ ही उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य को मास्क भी दिया।

हेमंत का कहना है कि इन परिवारों के पास चावल होने पर वे उसे बनाकर शक्कर आदि के साथ भी खा सकते हैं, इसलिए हमने चावल का वितरण किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने भी वितरण का यह काम शांतिपूर्वक करने में सहयोग किया।

रेलवे लेवर युवकों को पहुंचाया उनके घर
रेलवे ट्रेक पर लेवर का काम करने वाले छह युवक बीते रोज खजूरी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। चंूंकि ट्रेनें बंद हैं, इसलिए गुरुवार की देर शाम यह युवक रेलवे पटरी पर चलते हुए शिवपुरी के लिए रवाना हुए, लेकिन रात में बारिश हो जाने से वे एक रेलवे के अंडर ब्रिज के नीचे बैठे रहे। शिवपुरी आने के बाद यह युवक कोतवाली पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें कोई तबज्जो नहीं मिली।

जिपं सीईओ एचपी वर्मा ने कहा कि इन्हें नगरपालिका भेज दो, भोजन की व्यवस्था वहां हो जाएगी, लेकिन नपा कार्यालय में कोई नही मिला। उक्त युवक अपने घर नरसिंहपुर जाना चाहते थे, तथा भूख से भी बेहाल थे।

इन युवकों को भोजन की व्यवस्था कराने के साथ ही रोटरी क्लब शिवपुरी के अध्यक्ष अजय बिंदल व संस्था के पूर्व सचिव जिनेश जैन ने एक निजी वाहन करवाया, जिससे उन्हें उनके गांव नरसिंहपुर रवाना किया। जिनेश जैन का कहना है कि यदि इस तरह के हालातों में कोई गरीब यदि फंसा हुआ है, तो हम उसकी भी मदद करेंगे।

जैन समाज के लोगों ने बांटी खाद्य सामग्री


लॉक डाउन के दौरान खाने-पीने के लिए परेशान आदिवासी परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को जैन समाज के लोगों ने पड़ोरा भेड़ फार्म पर स्थित सहराने व सेसई की आदिवासी बस्ती पहुंचे।

जरूरतमंद लोगों को सामग्री वितरित करने के साथ ही जैन समाज के लोगों ने कहा कि हम ऐसे लोगों की मदद करते रहेंगे, यदि इस पुण्य कार्य में कोई और भी मदद करना चाहता है तो वो हमसे संपर्क कर सकता है।

जानकी सेना ने शहर के जरूरतमंदों को पहुंचाई मदद


जानकी सेना संगठन द्वारा लॉक डाउन में मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाले लोगों की शहरी बस्ती में कुछ घरों में खाने की सामग्री समाप्त हो जाने की सूचना पर आज खाद्य सामग्री वितरित की।

शहरी क्षेत्र के मनियर व फतेहपुर एवं ग्रामीण क्षेत्र में खाने की सामग्री आटा, दाल, चावल, सब्जी एवं बच्चों को बिस्किट, नमकीन, पॉपकॉर्न वितरित किए गए।

युवा दुकानदारों ने पुलिस के माध्यम से गरीबों तक मदद पहुंचाई


शहर के युवा दुकानदारों ने भोजन बैंक शुरू किया है, जिसमें शामिल 25 युवाओं ने पूड़ी-सब्जी के पैकेट सहित बिस्किट व नमकीन आज पुलिस थानों में यह कहते हुए दिए कि आपको भ्रमण के दौरान जो भी जरूरतमंद व गरीब मिले, उसे आप यह दे देना।

युवाओं का मानना है कि पुलिस इस दौरान सभी क्षेत्रों में घूम रही है, जहां पर उन्हें कई जरूरतमंद मिल रहे हैं, उन्हें ये पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं।

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