शिवपुरी में संपूर्ण रियायत, कुछ व्यवसाय ऐसे जिन पर सख्ती जरुरी..

ऐसे हालातों में पत्रिका ने समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से बातकर यह समझने का प्रयास किया कि वह लॉकडाउन के चौथे चरण में सरकार से किस प्रकार की रियायत चाहते हैं।

By: rishi jaiswal

Published: 16 May 2020, 07:00 AM IST

शिवपुरी. लॉकडाउन के तीसरे चरण में शिवपुरी में लगभग संपूर्ण रियायत प्रशासन द्वारा व्यवसाय को चालू करने के साथ-साथ लोगों की जरूरत का हर सामान उपलब्ध कराने के लिए दे दी थी। इसके बावजूद अभी कुछ व्यवसाय ऐसे हैं जिन पर सख्ती बरती जा रही है।

शत प्रतिशत मजदूरों को भी मजदूरी नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है।

ऐसे हालातों में पत्रिका ने समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से बातकर यह समझने का प्रयास किया कि वह लॉकडाउन के चौथे चरण में सरकार से किस प्रकार की रियायत चाहते हैं।

सभी का मानना है कि शिवपुरी में कोरोना अपने पैर तेजी से नहीं पसार पाया है, ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि सुरक्षा के मापदंडों का पालन करते हुए जिले में व्यापार शुरू करवाना चाहिए ताकि हर वर्ग को राहत मिल सके।

हर वर्ग को मिले रियायत

ग्रहणी उषा राठौर का कहना है कि लॉकडाउन के चौथे चरण में उन वर्गों को भी रियायत दी जानी चाहिए जिन्हें अभी तक रियायत नहीं दी गई है। इसके अलावा रेड जोन, हॉट स्पॉट में सख्ती को कायम रखना चाहिए।

जिन मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल पा रही है उनके लिए भी विचार किया जाना चाहिए। हलवाईयों की दुकानें बंद होने से उनका नुकसान होने के साथ दूध वालों का भी नुकसान हो रहा है।

अधिकतम छूट दिया जाना चाहिए

साहित्यकार प्रमोद भार्गव का कहना है कि शिवपुरी को देखा जाएं तो यहां लॉकडाउन का अर्थ नहीं रह गया है, क्योंकि यहां से अब तक विभिन्न राज्यों के लाखों लोग यहां से वहां हो चुके हैं।

शासन गरीबों को भोजन, पानी और रोजगार देने के जो दावे कर रहा है उसमें ५० प्रतिशत ही सही हैं। ऐसे में चौथे चरण में व्यापारियों, मजदूरों और आमजन को अधिकतम छूट सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए देनी चाहिए।

छूट देते हुए सख्ती भी की जाए

समाजसेवी भरत अग्रवाल का मत है कि प्रशासन ने शिवपुरी में वैसे तो पर्याप्त छूट दी हैं। जिन दुकानदारों पर अभी प्रतिबंध लगा रखा है उन्हें रियायत दी जानी चाहिए, इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से किया जाएं और कराया जाएं। अगर कोई व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने, थूकने जैसे कानूनों का उल्लंघन करता है तो उनपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पूरे बाजार को खोलने पर विचार हो

व्यापारी विष्णु अग्रवाल का कहना है कि अगर देखा जाए तो शिवपुरी में प्रशासन ने तीसरे चरण में ही सभी रियायतें दे दी हैं, अगर कोर्ट रोड और सदर बाजार को छोड़ दिया जाए तो शहर का बाजार पूरी तरह से खुल रहा है। ऐसे में इस बाजार को खुलवाने पर भी विचार हो। जिन दुकानों पर अभी प्रतिबंध है उन्हें खुलवाने पर भी विचार हो।

सरकारी ऑफिसों में हो स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन

शासकीय कर्मचारी नीरज सरैया का कहना है कि तीसरे चरण में धीरे-धीरे सरकारी कार्यालयों को खोलने की रियायत दी जा रही है। इसी क्रम में कई कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है।

ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने पर निर्णय लिया जाए। अभी तक सरकारी ऑफिसों में कर्मचारियों की स्क्रीनिंग नहीं हुई है। 7 दिन में ऑफिसों में सेनेटाइजेशन होने का नियम है, परंतु अभी तक नहीं हुआ है।

राज्य शासन ने स्कूलों को 7 जून से खोलने का निर्णय दिया है ऐसे बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना मुश्किल होगा। ऐसे में इस निर्णय पर भी विचार होना चाहिए।

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