पाणिग्रहण पर कोरोना का ग्रहण, फीकी रहेगी आखातीज

अक्षय तृतीया का अबूझ सावा 26 अप्रैल को है। यूं तो इस अबूझ सहालग पर श्योपुर जिले में सैकड़ों शादी समारोह होते हैं, लेकिन इस बार ये फीकी रहेगी। कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन के चलते इस बार अक्षय तृतीया पर शादी समारोहों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

By: Rakesh shukla

Published: 09 Apr 2020, 10:22 PM IST

शिवपुरी/श्योपुर। अक्षय तृतीया का अबूझ सावा 26 अप्रैल को है। यूं तो इस अबूझ सहालग पर श्योपुर जिले में सैकड़ों शादी समारोह होते हैं, लेकिन इस बार ये फीकी रहेगी। कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन के चलते इस बार अक्षय तृतीया पर शादी समारोहों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यही नहीं लॉकडाउन के चलते अक्षय तृतीया से पहले पड़ रहे सहालगों पर भी लोगों ने शादियां स्थगित कर दी हैं।


कोरोना संक्रमण के चलते अभी 14 अप्रैल तक तो लॉकडाउन है ही, लेकिन इसे आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। ऐसे में अप्रैल-मई में होने वाली शादियां प्रभावित होंगी। शादियों के लिए 16 , 17 और 25 अप्रैल को भी शुभ मुहूर्त है। वहीं 26 अप्रैल को अबूझ सहालग आखातीज का है। इस दिन जिले में बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह सम्मेलन और विवाह समारोह होते हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते शादियों व सामूहिक विवाह सम्मेलनों के आयोजन करने को लेकर लोग ऊहापोह की स्थिति में हैं। अप्रैल से मई के मध्य जिले में सैंकड़ों शादियां होनी हैं और कोरोना का असर लगभग सभी शादियों में पडऩे वाला है। कुछ लोगों ने तो अप्रैल की शादियां स्थगित कर आगे बढ़ा दी हैं।

8 जून को शुक्रोदय के साथ फिर से विवाह योग
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक 13 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में आने के बाद सावों के करीब दस से अधिक मुहूर्त हैं, लेकिन 31 मई को शुक्र का तारा अस्त होगा। इस अवधि में सैंकड़ों शादियां होनी हैं। इसके बाद विवाह समारोह नहीं हो सकेंगे, लेकिन 8 जून को शुक्रोदय के साथ फिर से विवाह कार्यक्रम शुरू होंगे। इस दौरान 13 जून, 15 जून और 27 जून को अंतिम सहालग होगा। जबकि इससे पहले मई माह में 1,2,4,6 ,15,18 और 19 मई के सहालग बताए गए हैं।


मुरझा गया फूलों का बाजार, फूल विक्रेताओं में मायूसी
श्योपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन लागू किया है। मगर इससे कई लोगों के काम धंधे ठप हो गए हैं। वहीं फूलों का बाजार भी मुरझा गया है। क्योंकि इसी समय फूलों की सबसे ज्यादा मांग और खपत होती है, लेकिन लॉकडाउन के कारण नवरात्र,रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे प्रमुख त्योहारों पर भी मंदिर सूने रहे। वहीं शादियां भी स्थगित कर दी गईं।


दरअसल फूलों का कारोबार फरवरी माह से रफ्तार पकड़ता है। मार्च और अप्रैल माह में प्रमुख त्योहारों के साथ शादियां भी अधिक होती हैं। इन सभी कार्यक्रमों में फूल और फूल मालाओं की जरूरत ज्यादा होती है। चूंकि इस समय लॉकडाउन चल रहा है और सारे त्योहार लॉकडाउन के बीच हुए सम्पन्न हुए। इसलिए मंदिरो के पट बंद ही रहे। लोग चाहकर भी मंदिर तक नहीं पहुंच पाए। वहीं शहर में सजने वाली फूलों की दुकानें भी बंद हंै। शादियां भी स्थगित कर दी गई हैं, जिससे फूलों का बाजार पूरी तरह मुरझा गया। फूलों के कारोबार से जुड़े शहर के लोग अब लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उनको अभी यह उम्मीद है कि लॉकडाउन खुल गया तो मई और जून में भी शादियां होगी। जिससे उनका फूलों का व्यापार फिर से महक उठेगा।

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Rakesh shukla Desk
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