कोरोना 'योद्धा' खुद की जान डाल रहे खतरे में..

प्रशासन ने इन कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए कितने पुख्ता इंतजाम किए हैं, यह जानने के लिए पत्रिका ने सभी बॉर्डरों पर तैनात कर्मचारियों के हालात जानने का प्रयास किया।

By: rishi jaiswal

Published: 16 May 2020, 10:07 PM IST

शिवपुरी। जिला प्रशासन द्वारा शिवपुरी जिले को विभिन्न राज्यों और शहरों से जोडऩे वाले बॉर्डर पर पुलिस, शिक्षा व स्वास्थ्य सहित अलग-अलग विभागों के तमाम कर्मचारियों को कोरोना 'योद्धाÓ बनाकर तैनात कर दिया है।

प्रशासन ने इन कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए कितने पुख्ता इंतजाम किए हैं, यह जानने के लिए पत्रिका ने सभी बॉर्डरों पर तैनात कर्मचारियों के हालात जानने का प्रयास किया।

जो स्थिति सामने आई वह यह थी कि प्रशासन के कोरोना 'योद्धा' बिना किसी सुरक्षा कवच के बॉर्डर पर तैनात हैं। ऐसे में इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता है कि यह कोरोना योद्धा पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।

खास बात यह है कि इतना सब होने के बावजूद कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन जिस तरह से पूर्व में प्रदेश में कई पुलिसकर्मी इसी लापरवाही के कारण कोरोना की चपेट में आकर मौत के आगोश में समा चुके हैं। शिवपुरी में बरती जा रही लापरवाही ने इन कोरोना योद्धाओं की जान को खतरे में डाल रखा है।

कहां गई, समाजसेवियों और नेताओं की किटे

विचारणीय पहलू यह है कि जिले के विभिन्न समाजसेवियों, विधायक यशोधरा राजे द्वारा कलेक्टर और एसपी को जो सैंकड़ों पीपीई किट भेंट की गई हैं, वह किटे आखिर कहां चली गई हैं। आखिर किट कोरोना योद्धाओं को क्यों नहीं दी जा रही हैं।

कहां क्या मिले हालात

स्थान-गुरावल नाका

हालात- गुरावल नाके पर लगे पुलिस और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को ना तो पीपीई किट दी गई हैं और ना ही ग्लब्ज व मास्क। यह कर्मचारी ईमानदारी से यहां से गुजरने वाले वाहन को चैक करने में लगे हैं।

जो लोग यहां से आते-जाते हैं, उनमें कई बीमार भी होते हैं। अगर कोई कोरोना पॉजीटिव हुआ तो यहां तैनात कर्मचारियों को भी संक्रमण हो सकता है।

स्थान- सिकंदरा बैरीयर

हालात- उ.प्र-म.प्र के बॉर्डर सिकंदरा बैरीयर झांसी जिले की सीमा पर स्थित हैं। यहां कोरोना के कई मरीज आ चुके हैं और संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है।

इसके अलावा इस बैरीयर से रोजना विभिन्न राज्यों से आने वाले हजारों मजदूर इधर से उधर हो रहे हैं। यहां पर तैनात कर्मचारियों को भी बिना किसी सुरक्षा कवच के बार्डर पर तैनात कर दिया गया है।

स्थान- कोटा नाका

हालात- राजस्थान और एमपी के बॉर्डर कोटा नाका पर तैनात पुलिसकर्मियों और शिक्षा विभाग सहित अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी सुरक्षा के कोई उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस बॉर्डर पर कोटा से आने वाले लोग भी शामिल हैं और कोटा में कोरोना के जो हालात हैं, वह किसी से छिपे नहीं हैं।

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