सीएसी, बीएसी की प्रतिनियुक्ति के लिए आयोजित काउंसलिंग स्थगित

डीईओ कार्यालय के स्थापना विभाग की लापरवाही एक बार फिर हुई उजागर

शिवपुरी.जनशिक्षा केंद्र द्वारा बुधवार को डाइट में सीएसी व बीएसी की नियुक्ति के लिए काउंसलिंग की जानी थी, परंतु विभाग के कर्मचारियों की तथाकथित लापरवाही के कारण किसी की जन्मतिथि बदल गई तो किसी की नियुक्ति दिनांक। इस कारण शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में अंतर आ गया और अंतत: डाइट में सीएसी बीएसी की नियुक्ति के लिए आयोजित काउंसलिंग स्थगित कर दी गई।

जानकारी के अनुसार जिले में कुल 40 बीएसी और 140 सीएसी के पद हैं, इन पदों में से 23 बीएसी तथा 99 सीएसी के पद खाली पड़े हुए हैं। इन खाली पड़े पदों पर माध्यमिक शिक्षकों में से सीएसी और बीएसी के पद पर प्रतिनियुक्ति की जानी थी। यह प्रतिनियुक्ति शिक्षक की वरिष्ठता के आधार पर की जाती है, इसलिए बुधवार को जिले भर से शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। शिक्षक जब काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे तो वहां पता चला कि शिक्षकों की सूची ही चस्पा नहीं की गई है। इस पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद आनन फानन में 1317 शिक्षकों के नामों की सूची चस्पा की गई। जब सूची चस्पा हुई तो पता चला कि सूची में कई शिक्षकों की जन्मतिथि गलत है तो किसी की नियुक्ति दिनांक। हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों पदस्थ माध्यमिक शिक्षकों के नाम तो सूची में शामिल ही नहीं थे। इस पर शिक्षकों ने हंगामा कर दिया, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थिति बिगड़ती देख नियुक्ति कमेटी ने प्रक्रिया को स्थगित करने का निर्णय लिया।

डीपीसी डीआर कर्ण का कहना है कि हमें डीईओ कार्यालय से शिक्षकों की जो सूची प्राप्त हुई है उसमें तमाम खामियां हैं, किसी की नियुक्ति दिनांक गलत है तो किसी की जन्म दिनांक। इस कारण वरिष्ठता सूची का निर्धारण कर पाना फिलहाल संभव नहीं है। हमने फिलहाल अगले पांच दिन के लिए काउंसलिंग स्थगित कर दी है। यहां बताना होगा कि हाल ही में युक्तियुक्तकरण के नाम पर किए गए शिक्षकों के स्थानांतरण सूची में भी डीईओ कार्यालय की लापरवाही के कारण ही विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। इस व्यवस्था पर डीईओ, डीपीसी सहित अन्य अधिकारी भी नाराज नजर आए।

ये खामियां भी आईं नजर
सतनवाड़ा मावि में पदस्थ शिक्षक अनिल जैन की पोस्टिंग 2003 की है और वरिष्ठता सूची में उनका नाम सरल क्रमांक 938 पर दर्ज है जबकि सतनवाड़ा में ही पदस्थ शिक्षक सुनील राठौर की पोस्टिंग 2001 की है और वरिष्ठता सूची में उनका नाम सरल क्रमांक 939 पर है।
शिक्षक सुनील राठौर और संगीता शिवहरे की पोस्टिंग वर्ष 2001 में एक ही दिन की है। इसके बाबजूद वरिष्ठता सूची में संगीता राठौर सरल क्रमांक 108 पर दर्ज हैं जबकि सुनील राठौर 939 पर।
शामावि छावनी क्रमांक-1 में पदस्थ शिक्षक मुकेश कुमार गौतम की नियुक्ति वर्ष 2001 की है, परंतु सूची में उनका नाम ही दर्ज नहीं है।

पांच दिन में सुधार असंभव
विभाग के सूत्रों की मानें तो सूची में लगभग 1700 से 1800 शिक्षकों के नाम शामिल करते हुए उनकी जानकारी में सुधार किया जाना है। पांच दिन में इन नामों में सुधार किया जाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, क्योंकि मिडिल स्कूल के शिक्षकों का डाटा जेडी कार्यालय से मंगाना पड़ेगा जबकि हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षकों का डाटा लोक शिक्षण संचनालय भोपाल से मंगाना होगा।

जन्म होने से नौ साल पहले नौकरी
स्थापना की लापरवाही इस हद तक नजर आई कि वर्तमान में प्रभारी सीएसी के रूप में पदस्थ कुंवरपुर मावि के शिक्षक दिनकर नीखरा की जन्म दिनांक 20 अगस्त 1970 के स्थान पर 20 अगस्त 2010 अंकित है। दिनकर नीखरा की पोस्टिंग 2001 की है, ऐसे में अगर वर्तमान दस्तावेजों की मानें तो दिनकर नीखरा की नौकरी उनके पैदा होने से नौ साल पहले लग गई थी।

स्कूल का रास्ता अच्छा नहीं, बनना है बीएसी
काउंसलिंग के लिए पहुंची शिक्षिकाओं में कैरऊ शामावि ज्योति भदौरिया का कहना है कि उसकी पोस्टिंग 2013 की है और उसका नाम सूची में सरल क्रमांक 1065 पर दर्ज है। वह बीएसी की पोस्टिंग के लिए यहां काउंसलिंग में आई हैं। उन्होंने बताया कि कैरऊ तक जाने का रास्ता बहुत अच्छा नहीं है, वहां तक पहुंचना मुश्किल होता है इसलिए वह बीएसी बनना चाहती हैं। इसी तरह की कहानी झाड़ेल में पदस्थ शिक्षिका रूचि भदौरया की थी। उनका कहना था कि वह बीएसी इसलिए बनना चाहती हैं क्योंकि उनका स्कूल काफी दूर है, वहां पहुंचने का कोई साधन नहीं है।

शिक्षक अब नहीं लगा सकेंगे दावे-आपत्ति
सामान्यत: तो सूची चस्पा करने के उपरांत दावे-आपत्ति के लिए कुछ दिन का समय दिया जाता है। आज अधिकारियों ने दावे आपत्ति के लिए सूची चस्पा करने के बाद का ही समय तय किया था। ऐसे में सैंकड़ों शिक्षक तो बुधवार के बाद अब अपने दावे आपत्ति भी दर्ज नहीं करा पाएंगे, क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि दावे आपत्ति के लिए सिर्फ चंद घंटे का समय दिया गया है। जो शिक्षक गुरूवार को काउंसलिंग में शामिल होने की बाट जोह रहे होंगे, उनके हाथ से तो सब कुछ निकल गया है।

हमने डीईओ ऑफिस से प्राप्त सूची में कई कमियां होने के कारण फिलहाल काउंसलिंग स्थगित कर दी है। अब पांच दिन बाद सूची दुरूस्त करने के उपरांत काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में पदस्थ माध्यमिक शिक्षकों के नाम सूची में न होने की जानकारी हमें थी, इसलिए हमने बीआरसीसी के माध्यम से कल ही उन्हें जानकारी भिजवाने का प्रयास किया है।
डीआर कर्ण, डीपीसी शिवपुरी

Rakesh shukla
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