नियमों को ताक पर रख कर करवाया जा रहा छात्रावास का संचालन,नोटिस जारी


बिना किसी एक्सपे्रशन ऑफ इंट्रेस्ट कर दिया संस्था का रिन्यूवल, नोटिस जारी

By: Amit Mishra

Published: 18 Feb 2020, 09:30 AM IST

शिवपुरी। सीडब्ल्यूएसएन (चिल्ड्रन विथ स्पेशल नीड) छात्रावास का संचालन जिम्मेदारों द्वारा नियमों को ताक पर रख कर करवाया जा रहा है। इस शैक्षणिक सत्र में बिना किसी एक्सपे्रशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) के संस्था को संचालन की अनुमति दी गई है। उल्लेखनीय है कि सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास का संचालन समाजसेवी संस्था के माध्यम से कराया जाता है। नियमानुसार इसके लिए हर साल ईओआई प्रकाशित की जाती है, जिसके आधार पर जो भी संस्थाएं हॉस्टल को चलाने की इच्छुक होती है, वह अपनी ईओआई डालते हैं।

संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी
उक्त ईओआई के आधार पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी पात्र संस्था को एक शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रावास के संचालन की जिम्मेदारी सौंपती है। इस शैक्षणिक सत्र में तो कोई ईओआई जारी ही नहीं की गई और बाला-बाला नियमों को ताक पर रखते हुए सिद्धेश्वर महाराज विकलांग कल्याण शिक्षा एवं समाज कल्याण समिती का रिन्यूवल करते हुए छात्रावास के संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी।


ढाई लाख स्वीकृत फिर भी नहीं है सीसीटीवी कैमरे

छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा और छात्रावास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का प्रावधान है। सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में दिव्यांग बच्चों की देख रेख और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं अथवा नहीं। यह जानने के लिए पत्रिका ने जब सोमवार को छात्रावास पहुंच कर वहां मौजूद संस्था संचालक रामधुन राठौर से जानकारी चाही तो उनका कहना था कि छात्रावास में सीसीटीवी के लिए एक साल पहले 2 लाख 54 हजार रूपए स्वीकृत हुए हैं। यह राशि जिले में पड़ी हुई है, परंतु वहां से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

 

डीपीसी व सीडब्ल्यूसी ने जारी किए नोटिस
शनिवार की रात दिव्यांग बच्चों को लोडिंग वाहन में ग्वालियर से शिवपुरी लाने वाले मामले में डीपीसी कार्यालय से संस्था संचालक को नोटिस जारी किया गया है कि आप अधिकारियों की अनुमति के बिना और अधिकारियों के संज्ञान में लाए बिना बच्चों को लोडिंग ऑटो में हॉस्टल से बाहर कैसे ले गए ? संस्था संचालक को दो दिन में उक्त नोटिस का जबाब देना है। इसके अलावा सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने भी डीपीसी व बाल संरक्षण अधिकारी को पत्र लिख कर जांच रिपोर्ट मांगी है।

 

हमने छात्रावास का संचालन करने वाली संस्था को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर उससे जवाब मांगा है, क्योंकि वह अधिकारियों के संज्ञान में लाए बिना ही बच्चों को ले गया था। इस बार ईओआई नहीं निकाली, आरएसके से आए पत्र के आधार पर संस्था का रिन्यूवल किया गया है।
हरीश शर्मा, एपीसी


हमने बाल संरक्षण अधिकारी और डीपीसी को पत्र लिख कर घटना के संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच रिपोर्ट आते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अजय खेमरिया, अध्यक्ष, सीडब्ल्यूसी

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