मनरेगा में किया मृत मजदूरों ने काम...

shyamendra parihar

Publish: Nov, 15 2017 03:53:59 (IST)

Shivpuri, Madhya Pradesh, India
मनरेगा में किया मृत मजदूरों ने काम...

एसडीएम की जांच में उजागर हुआ लाखों का घालमेल

शिवपुरी. पोहरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत ठेवला के सचिव ने कई साल पहले मर चुके लोगों से मनरेगा में मजदूरी करवा कर लाखों रुपए का घालमेल कर दिया। आदिवासियों की शिकायत पर पोहरी के तत्कालीन एसडीएम ने मामले की जांच की तो मृतकों से मनरेगा में मजदूरी करवाने की बात सही निकली और पाया कि मजदूरी के नाम पर लाखों रुपए का घोटाला किया गया है।
जानकारी के अनुसार आदिवासियों ने पोहरी के तत्कालीन एसडीएम अंकित अस्थाना को शिकायत दर्ज कराई कि पंचायत सचिव विनोद शर्मा ने ग्राम गोहरा के मृतक आदिवासी गुड्डी पत्नी सुजान आदिवासी, बाबू आदिवासी, कंचन आदिवासी, पार्वती पत्नी सुरेश आदिवासी आदि से मनरेगा में मजदूरी करवा कर घोटाला किया है। जब इस मामले की जांच अंकित अस्थाना ने की तो पार्वती आदिवासी की मौत करीब १२ पहले हो चुकी है, इसी प्रकार कंचन आदिवासी व गुड्डी आदिवासी की मौत के संबंध में कंचन आदिवासी की पत्नी बैजंती आदिवासी ने बताया कि कंचन की मौत करीब १५ साल पहले हो चुकी है और उसकी बहू गुड्डी आदिवासी की मौत लगभग ९ साल पहले। कंचन की मौत गोवर्धन थाने में दर्ज तहरीर के आधार पर २००८ में होना पाया गया। बाबू आदिवासी के संबंध में उसकी पत्नी कमला ने बताया कि उसके पति की मौत १२ साल पहले हुई थी और उन्होंने मनरेगा में कोई मजदूरी नहीं की।
पार्वती आदिवासी की मौत के संबंध में उसके पति सुरेश आदिवासी ने बताया कि उसकी पत्नी की मौत १० साल पहले हो चुकी है जबकि पंचायत ने उसके द्वारा तालाब में मजदूरी करना दर्शाया है। खास बात यह है कि पूरा मामला उजागर होने के बाबजूद प्रकरण में जांच के दो महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

मृतकों को जारी प्रमाण-पत्र संदिग्ध
अंकित अस्थाना ने जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि मृतक व्यक्तियों के संबंध में जो तथ्य शिकायत में उल्लेखित हैं, जांच में उनकी मौत १०-१२ वर्ष के बीच में होना पाई गई। इसके अलावा ग्राम पंचायत द्वारा अनुक्रमांक ६ व ७ से मृतक व्यक्तियों को जारी किए गए प्रमाण पत्र संदिग्ध की श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा मृतक व्यक्तियों से निर्माण कार्यों में मजदूरी करना दर्शाए जाने संबंधी आरोप पुष्ट पाए जाने से तत्समय पदस्थ रहे सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक को धनराशि गबनका दोषी तथा वर्तमान सचिव श्याम बिहारी शर्मा को गुड्डी व बाबू के कूट रचित दस्तावेज तैयार कर मृत्यु दर्शाए जाने का दोषी पाया जाता है।

&मैने जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ को भेज दी थी। जांच में मृतकों से मजदूरी करवाए जाने के आरोप व फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की पुष्टि हुई है।
अंकित अस्थाना, एसडीएम

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