डीईओ कार्यालय की संपत्ति कुर्क कर किया सील्ड

कलेक्टर के आदेश पर तहसीलदार ने डीईओ कार्यालय पहुंच कर की सामान की कुर्की

कुर्क संपत्ति नीलाम कर होगा मृतक शिक्षक की ग्रेच्युटी का भुगतान

 

 

By: Rakesh shukla

Published: 08 Dec 2019, 10:26 PM IST

शिवपुरी. हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना और अनुदान प्राप्त शाला के मृतक शिक्षक की ग्रेच्युटी का भुगतान न करने के मामले में रविवार को कलेक्टर के आदेश पर तहसीलदार ने डीईओ कार्यालय पहुंच कर न सिर्फ डीईओ कार्यालय की संपत्ति की कुर्की की बल्कि कार्यालय को भी सील्ड कर दिया। अब उक्त संपत्ति की नीलामी कर याचिकाकर्ता को मृतक शिक्षक की ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार बैराड़ की एक अनुदान प्राप्त शाला में पदस्थ शिक्षक प्रहलाद दास गुप्ता की मौत वर्ष 2006 में हो गई थी। शिक्षक की मौत के उपरांत उसकी पत्नी रूपवती गुप्ता ने श्रम न्यायालय में याचिका दायर की। श्रम न्यायालय ने इस संबंध में 4 लाख 69 हजार 384 रुपए की ग्रेच्युटी का भुगतान किए जाने का निर्णय पारित किया था। श्रम न्यायालय के आदेश पर जब भुगतान नहीं हुआ तो रूपवती गुप्ता ने उच्च न्यायालय ग्वालियर में अपील दायर की। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के उपरांत 18 अगस्त 2017 को आदेश पारित किया कि तीन माह के अंदर याचिकाकर्ता को ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए, परंतु डीईओ कार्यालय ने हाईकोर्ट के निर्णय को भी अनदेखा कर दिया और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया। इस पर वर्ष 2018 में याचिकाकर्ता ने कोर्ट में आदेश की आवमानना के संदर्भ में याचिका दायर की। इस पर कोर्ट ने डीईओ कार्यालय की संपत्ति कुर्क कर ग्रेच्युटी भुगतान के आदेश जारी किए। इसी क्रम में कलेक्टर शिवपुरी अनुग्रहा पी ने डीईओ कार्यालय को पत्र जारी किया कि प्राप्त अभ्यावेदन को आपके द्वारा गंभीरता से नहीं लिए जाने और समय सीमा में निराकरण नहीं किए जाने के कारण रिट याचिका क्रमांक 4291/2017 के अनुपालन में अवमानना क्रमांक 22/2018 निर्मित हुई है।

ऐसे में आपको सूचित किया जाता है कि 9 दिसम्बर 2019 तक ग्रेच्युटी का भुगतान करें, अन्यथा आपकी समस्त चल अचल संपत्ति कुर्क कर याचिकाकर्ता के बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। इस आदेश के बावजूद भी डीईओ कार्यालय ने याचिकाकर्ता को भुगतान नहीं किया, इसी के चलते रविवार को कलेक्टर ने तहसीलदार बीएस कुशवाह को डीईओ कार्यालय भेज कर कार्यालय की संपत्ति कुर्क कराई और कार्यालय सील्ड करने के आदेश दिए। इसके बाद तहसीलदार ने डीईओ कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने के साथ ही कार्यालय को भी सील्ड कर दिया है। अब कुर्क की गई संपत्ति को नीलाम कर ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा।

कार, कम्प्यूटर, एसी, अलमारी सब कुर्क
तहसीलदार ने कुर्की की कार्रवाई के दौरान आर्टिगा कार डीजल मॉडल 2017 अनुमानित कीमत पांच लाख रुपए, चार डेस्कटॉप कम्प्यूटर जिनमें से एक चालू हालत में है अनुमानित कीमत 40 हजार रुपए, वोल्टास का एक स्पिलिट एसी जिसकी कीमत 30 हजार रुपए, लोहे की बड़ी सात अलमारी, लोहे की छोटी सात अलमारी जिनकी कीमत 30 हजार रुपए, छह पुरानी टेबिल, तीन कुर्सी अनुमानित कीमत 10 हजार रुपए को जब्त किया गयाय है। यह संपत्ति आगामी आदेश तक के लिए अकाउंटेंट व स्टोर प्रभारी रविशंकर पटेल की सुपुर्दगी में दी गई है।

बोले डीईओ: शासन के नहीं हैं आदेश
डीईओ अजय कटियार ने बताया, बैराड़ की एक अनुदान प्राप्त शाला के शिक्षक की पत्नी द्वारा गे्रच्युटी भुगतान के संबंध में अवमानना याचिका दायर की थी। इसी क्रम में यह कार्रवाई की है, परंतु इस याचिका के क्रम में हमने भी एक याचिका न्यायालय में लगाई है, जिसे हम अवमानना याचिका से लिंक करने का प्रयास कर रहे है। अनुदान प्राप्त शिक्षकों को ग्रेच्युटी के भुगतान के संबंध में शासन के कोई आदेश नहीं हैं और इंदौर उच्च न्यायालय ने भी इस संबंध में आदेश जारी किया है कि अनुदान प्राप्त शिक्षकों को ग्रेच्युटी का भुगतान न किया जाए, नहीं तो हम भुगतान करवा देते।

नोक-झोंक के बाद का कमरा सील्ड
जब तहसीलदार बीएस कुशवाह ने डीईओ के कक्ष पर ताला लगाकर सील्ड करने की बात कही, जिस पर तहसीलदार और डीईओ के बीच हल्की सी नोक झोंक भी हो गई। अंतत: डीईओ ने कलेक्टर को फोन लगाया और आपस में हुई बातचीत के बाद असिस्टेंट डायरेक्टर एके रोहित के कमरे को सील्ड कर कार्यालय सील्ड करने की रस्म अदायगी की गई।

न्यायालय के आदेश पर की कुर्की
रूपवती गुप्ता द्वारा दायर की गई रिट याचिका की सुनवाई के क्रम में उच्च न्यायायल ग्वालियर में एक अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिसका भुगतान 2018 से पेंडिंग है। इसी क्रम में न्यायालय के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई की गई है।
बीएस कुशवाह, तहसीलदार शिवपुरी

Rakesh shukla
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