प्रसूता को टेबल पर छोड़ घर चली गई डॉक्टर

प्रसूता को टेबल पर छोड़ घर चली गई डॉक्टर

shyamendra parihar | Publish: Jan, 25 2018 10:21:03 PM (IST) Shivpuri, Madhya Pradesh, India

ओटी में से वापस किया प्रसूता को, 24 घंटे बाद भी नहीं की डीएनसी

शिवपुरी. जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर चल रही हैं। हालात यह हैं कि यहां पर डॉक्टरों की मर्जी हो तो वह मरीज का इलाज करते हैं और नहीं हो तो नहीं करते। ऐसा ही नजारा गुरुवार की दोपहर उस समय सामने आया जब डॉक्टर ने कोई काम आ जाने के कारण प्रसूता को टेबल से उतार कर बिना डीएनसी किए लौटा दिया। प्रसूता पिछले २४ घंटे से अस्पताल में भर्ती है, ऐसे में उसे इंफेक्शन का खतरा भी बढऩे की आशंका है।
जानकारी के अनुसार खोड़ निवासी ममता पत्नी अरविंद गुप्ता प्रेगनेंट थी, परंतु किसी कारणवश उसका गर्भपात हो गया, तो उसके परिजन उसे चिकित्सकीय सलाह पर डीएनसी कराने बुधवार को जिला अस्पताल लेकर आए। बुधवार दोपहर में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने उसे भर्ती कर दिया और गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे उसकी डीएनसी की तैयारी कर ली। उसे टेबल पर लेकर बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। इसी दौरान डीएनसी कर रही डॉ. नीरजा शर्मा को कोई काम आ गया तो उन्होंने ममता गुप्ता को बिना डीएनसी किए ही वार्ड में शिफ्ट कर दिया। ममता के पति अरविंद का कहना है कि उन्हें सुबह से डॉक्टर पूरा विश्वास दिला रहे थे आज आपकी बीबी की डीएनसी कर देंगे। इसी के चलते उसकी सोनोग्राफी आदि भी कराई गई, डीएनसी की तैयारी पूरी कर ली लेकिन बाद में डॉक्टर को कोई काम आ गया तो वह उसे टेबल पर छोड़ कर ही चली गई, जिसके बाद उसकी पत्नी को बेहोशी की हालत में ही वार्ड में शिफ्ट किया गया। खास बात यह है कि ममता की कोख में अभी भी मृत भ्रूण का कुछ अंश है, जिससे उसके शरीर में इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है।
आप ढाई बजे बाद घर आकर दिखा लेना
इस पूरे मामले में डॉक्टर का पक्ष जानने पत्रिका ने डॉ नीरजा को तीन बार फोन लगाया। हर बार फोन किसी अन्य लडक़ी ने उठाया, उसका कहना था कि वह मैडम के घर से नर्स बोल रही है। मैडम का मोबाइल घर पर है और वह किसी काम से कहीं गई हैं। यदि आपको दिखाना है तो ढाई बजे के बाद आना। इसके बाद शाम को साढ़े छह बजे फिर से डॉ नीरजा को फोन लगाया तो फिर से गीता नाम की नर्स ने फोन उठाया और बोली मैडम नहीं हैं वह तो सीजर करने के लिए हॉस्पिटल गई हैं। जब हॉस्पिटल जाकर भी उनसे संपर्क करने का प्रयास किया तो वह नहीं मिल सकीं। इसके अलावा सिविल सर्जन डॉ गोविंद सिंह को भी दो बार फोन लगाया परंतु उन्होंने भी फोन नहीं उठाया।
&आरोप पूरी तरह से निराधार हैं क्योंकि कोई भी डॉक्टर इस तरह टेबल पर छोड़ कर किसी को नहीं जाता। हमें किसी ने इस तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
डॉ. साकेत सक्सेना,मैनेजर, जिला अस्पताल

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