नालियों पर 3 करोड़ खर्च के बाद भी ध्वस्त पड़ा है ड्रैनेज सिस्टम

शहर के बाजार से लेकर कॉलोनी-मौहल्लों में 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि नाली निर्माण में खर्च कर दी गई, बावजूद इसके डे्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त पड़ा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से जल भराव होने से न केवल लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि सडक़ों में गढ्डे हो जाने से वाहनों का मेंटेनेंस बढ़ गया।

By: rishi jaiswal

Published: 22 Sep 2021, 11:04 PM IST

शिवपुरी. शहर के बाजार से लेकर कॉलोनी-मौहल्लों में 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि नाली निर्माण में खर्च कर दी गई, बावजूद इसके डे्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त पड़ा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से जल भराव होने से न केवल लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि सडक़ों में गढ्डे हो जाने से वाहनों का मेंटेनेंस बढ़ गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि हमेशा सफल रहने वाली वी-टाइप नालियों की जगह कमीशन के फेर में यू-टाइप नाली बना देने से वो अब कचराघर बन गईं।


शिवपुरी शहर के ड्रेनेज सिस्टम को ध्यान में रखते हुए नालियों का निर्माण नहीं किया गया। सडक़ों के साथ ही साइडों में नालियां तो चौड़ी बना दी गईं, लेकिन यह नहीं देखा गया कि जब बारिश का पानी सडक़ से होकर बहेगा तो वो नालियों में जाएगा या नहीं। यही स्थिति नगरीय क्षेत्र में बनाई गई नालियों की है। सभी जगह यू-टाइप चौड़ी नालियां तो बना दीं, लेकिन कई जगह उनकी निकासी ही नहीं की गई। जिसके चलते जब भी बारिश होती है तो पानी की निकासी न होने की वजह से वो सडक़ पर ही भरा रहता है, जिससे सडक़ पर गहरे व चौड़े गड्ढे हो जाते हैं।


अस्पताल चौराहा
इस चौराहे से कस्टम गेट चौक तक मॉडल सडक़ बनाई गई, जिसके दोनों ओर फुटपाथ तो चौड़े व ऊंचे बना दिए गए, लेकिन उसके नीचे बनाई गई नाली में बरसात का पानी न जाकर वो सडक़ पर ही बहता है। चौराहे पर भरने वाले पानी की निकासी न होने की वजह से सडक़ में चारों तरफ गड्ढे हो गए। यह हालात तब हैं, जबकि इस चौराहे से होकर जनप्रतिनिधि सर्किट हाउस जाते हैं तथा एसपी-कलेक्टर से लेकर न्यायाधीश के वाहन भी इसी चौराहे से होकर गुजरते हैं।

25 साल से देख रहा बदहाली

मेरी चौराहे पर ही दुकान है और जब भी हल्की बारिश होती है तो चौराहे पर पानी भर जाता है। सीवर प्रोजेक्ट में पूरा शहर खोदा गया, यदि इस चौराहे पर भी गहरी नाली खोदकर उसमें पाइप डाल दिया जाता, तो यह समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती, लेकिन ऐसा करे कौन..?।
देवेंद्र अग्रवाल, दुकानदार अस्पताल चौराहा

पोहरी नाका
शिवपुरी शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहंों में शुमार पोहरी नाके पर भी जल निकासी की प्रॉपर व्यवस्था न होने की वजह से यहां हमेशा नालियों का पानी ओवर-फ्लो होकर बहता रहता है। साथ ही आसपास जब भी पाइप लाइन फूटती है या लीकेज होता है, तो पानी चौराहे पर इक_ा हो जाता है। पोहरी रोड स्थित खेतों का पानी भी नाली न होने की वजह से सडक़ से बहकर चौराहे पर इक_ा होता है। जिसके चलते चौराहे पर सडक़ में चौतरफा गड्ढे हो गए हैं।

हमने कभी सही सडक़ नहीं देखी
पोहरी नाके से होकर ही बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के अलावा पोहरी-श्योपुर जाने का प्रमुख चौराहा है। बावजूद इसके चौराहे की सडक़ को कभी भी गड्ढाविहीन नहीं देखा। यहां सडक़ इतनी खराब है कि आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं।
अंबरीश शर्मा, रहवासी पोहरी नाका

यू-टाईप नालियां नहीं बनाई जानी थीं, अब आगे से वी-टाईप नालियां ही बनाई जाएंगीं। साथ ही लोगों को भी अवेयर होकर नालियों पर कब्जा न तो करना चाहिए और न करने देना चाहिए। क्योंकि जलनिकासी रुकने से पूरा शहर ही परेशान होता है।
अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर शिवपुरी

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