बाढ़ में कई दिन गुल रही बिजली, फिर भी बिल दे रहा करंट

जिले में भारी-भरकम राशि के बिजली बिल आमजन को करंट से भी खतरनाक झटका दे रहे हैं। यह हालात तब हैं, जबकि बारिश के मौसम में बिजली कंपनी ने न केवल घंटों की अघोषित कटौती की तथा बाढ़ के दौरान कई दिन तक बिजली गुल रही।

By: rishi jaiswal

Published: 07 Sep 2021, 11:30 PM IST

शिवपुरी. जिले में भारी-भरकम राशि के बिजली बिल आमजन को करंट से भी खतरनाक झटका दे रहे हैं। यह हालात तब हैं, जबकि बारिश के मौसम में बिजली कंपनी ने न केवल घंटों की अघोषित कटौती की तथा बाढ़ के दौरान कई दिन तक बिजली गुल रही। बावजूद इसके जब बिल आए तो डेढ़ गुना अधिक राशि के बिल थमा दिए गए। हालातों को देखकर तो लग रहा है कि बिजली कंपनी बाढ़ में हुए नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं से ही करने की तैयारी में है।

गौरतलब है कि पिछले दो माह में सबसे अधिक बिजली की कटौती शहरवासियों सहित जिलेवासियों को झेलनी पड़ी। क्योंकि आसमान पर बादल छाते ही बिजली कंपनी बिना हवा चले ही सप्लाई ठप कर देती थी, इसके अलावा हल्की बूंदाबांदी में शहर के कई इलाकों की बिजली फॉल्ट के नाम पर काटी गई। वहीं 2 अगस्त के बाद तो बिजली कुछ घंटों के लिए नहीं बल्कि कई दिनों तक के लिए गुल रही। हालात यह थे कि सांझ ढलते ही पूरा शहर अंंधेरे की आगोश में डूब जाया करता था। इन हालातों के बीच शहरवासियों को लग रहा था कि जब बिजली ही गुल रही तो बिल भी कम आएंगे, लेकिन जब विद्युत कंपनी ने बिल जारी किए तो लोगों के पसीने छूट गए। क्योंकि कुछ उपभोक्ताओं को जहां अप्रत्याशित राशि के बिल थमा दिए, वहीं अन्य कई परिवारों को डेढ़ गुना अधिक बिल दिए गए। हालात यह हैं कि हर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में शिकायत लेकर आने वाले लोगों में कई उपभोक्ता बिजली बिल कम कराने की मांग लेकर आते हैं।

एक माह का दिया 96 हजार का बिल
शिवपुरी शहर के लुधावली क्षेत्र में रहने वाले जसराम पुत्र धरमा जाटव को उस समय जोरदार झटका लगा, जब उसे एक महीने का 96173 रुपए का बिजली बिल थमा दिया गया। जसराम ने बिल संशोधन के लिए बिजली कंपनी के दफ्तरो में चक्कर काटे, लेकिन जब वहां सुनवाई नहीं हुई तो उसने कलेक्ट्रेट में आकर अपना आवेदन दिया।

इसमाह डेढ़ गुना अधिक आया बिल
सिटी सेंटर कॉलोनी में रहने वाली पुष्पा के घर का हर माह डेढ़ से पौने दो हजार रुपए का बिल आता था, जो खपत से कहीं अधिक पहले ही था। उनके घर नियमित हर माह बिल नहीं आता, तथा दो माह का बिल आया तो वे भी परेशान हो गईं, क्योंकि दो माह का बिल 6896 रुपए का थमा दिया गया। पुष्पा भी असमंजस में हैं कि कई दिन अंधेरे में गुजारे, फिर भी इतना बिल।

बाढ़ में हुए नुकसान की उपभोक्ताओं से भरपाई
पिछले दिनों शिवपुरी शहर सहित जिले में आई बाढ़ के चलते बिजली कंपनी को भी काफी नुकसान हुआ है। हालांकि इसमें गलती बिजली कंपनी की ही रही, क्योंकि विभाग ने बिना यह सोचे-समझे ऐसी जगह पर अपने विद्युत सब स्टेशन बनाए हैं, जहां थोड़ी बारिश होते ही उनमें पानी भर जाता है। पानी भर जाने से कई बड़े विद्युत उपकरण फुंक गए और यही वजह रही कि शहर सहित जिले में पिछले महीने कई दिनों तक ब्लैक आउट रहा। 11 करोड़ से अधिक का नुकसान होने के बाद अब उपभोक्ताओं को मनमानी राशि के बिल देकर बिजली कंपनी आमजन से ही इस नुकसान की भरपाई करती नजर आ रही है। इस बार बिजली बिलों में सुरक्षा निधि की राशि के नाम पर अलग से हजार-डेढ़ हजार रुपए की वसूली की जा रही है।

रीडिंग के अनुरूप ही आया बिल
गर्मी के मौसम में बिल अधिक आता है और बाढ़ के दौरान जब बिजली बंद रही तो मीटर में भी खपत नहीं आई होगी। बिल तो रीडिंग के अनुरूप ही दिया जाता है और यदि 96 हजार का बिल दिया गया है, तो उसे मैं दिखवा लेता हूं।
पीआर पाराशर, महाप्रबंधक बिजली कंपनी शिवपुरी

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