कांग्रेस नेता सहित पांच लोगों के हटाए अतिक्रमण

शासकीय जमीन पर दुकान व मकान बनाकर किया था पक्का निर्माण
अतिक्रमणकारियों से वसूला गया 50-50 हजार रुपए का जुर्माना

करैरा. नगर में ग्राम टीला रोड स्थित कांग्रेस नेता सहित पांच लोगों के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर प्रशासन ने करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन को कब्जा मुक्त कराया। साथ ही इन अतिक्रमणकारियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इन लोगों ने मकान व दुकानें बनाकर पक्का अतिक्रमण किया था। हालांकि यह कार्रवाई एक जनहित याचिका लगने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर हुई। कार्रवाई के दौरान चार पुलिस थानों का बल, राजस्व से लेकर नगर पंचायत का मदाखलत अमला मौजूद रहा।


करैरा एसडीएम राजन नाडिया ने बताया कि करैरा निवासी विनय मिश्रा, राजेन्द्र जैन प्रधान ने ग्वालियर हाईकोर्ट में इस अतिक्रमण को लेकर जनहित याचिका लगाई थी। इस मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस कब्जे को अतिक्रमण माना और उसे तोडऩे के आदेश शिवपुरी व करैरा प्रशासन को दिए। आदेश के बाद से एक सप्ताह पूर्व राजस्व विभाग की टीम ने पूरे अतिक्रमण की नापतौल कर पांच लोगों को सरकारी जगह खाली करने का विधिवत नोटिस दिया था और जब इन लोगों ने 48 घंटे बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया तो शुक्रवार सुबह 12 बजे अतिक्रमण तोडऩे की कार्रवाई प्रशासन ने शुरू कर दी और शाम होते-होते पूरा पक्का निर्माण जमींदोज कर दिया गया। इस मामले में इन सभी 5 अतिक्रमणकारियों कांग्रेस नेता सीताराम पुत्र राधेलाल गेडा, रानी पत्नी संतोष गुप्ता, कृष्णपाल पुत्र केशव सिंह वैश, मुकेश पुत्र मिश्रीलाल झा व रघुवर पुत्र तुलसीराम जाटव के वारिसों से 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है।


चार थानों सहित दो सैकड़ा कर्मचारियों कर अमला रहा मौजूद

नगर में पुलिस थाने के सामने स्थित सरकारी जमीन को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने करैरा अनुविभाग के चार पुलिस थानों का बल, राजस्व नगर पंचायत का अमला मिलाकर करीब दो सौ कर्मचारियों के साथ एसडीएम राजन नाडिया, तहसीलदार जीएस बैरवा, एसडीओपी जीडी शर्मा, थाना प्रभारी अमित भदौरिया, अमोला थाना प्रभारी रविंद सिकरवार, दिनारा प्रभारी रिपुदमन सिंह, सीहोर थाना प्रभारी के अलावा राजस्व विभाग के आरआई विनोद सोनी, राकेश गुप्ता, बलराम धाकड़, पवन साहू आदि मौजूद रहे।


अन्य सरकारी जमीनों को कब कराया जाएगा अतिक्रमण से मुक्त

सबसे बड़ी बात यह है कि हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को यह अतिक्रमण हटा दिया गया, लेकिन क्या यह अतिक्रमण स्थानीय प्रशासन को नहीं दिख रहा था। साथ ही जिस समय यह पक्के निर्माण हुए, उस समय के अधिकारियों ने इस पर आपत्ति क्यों नही लगाई? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होना चाहिए, जिनके समय में यह अतिक्रमण होता रहा। इसके अलावा अभी नगर में मार्केटिंग की जमीन, कॉलेज की जमीन, पशु अस्पताल, कच्ची गली, पुराना बस स्टैण्ड आदि ऐसे कई स्थान हैं, जहां पर सालों से अतिक्रमण बना हुआ है। सब कुछ जानकर भी अधिकारी मौन बने रहे।


यह बोले जिम्मेदार

हाईकोर्ट के आदेश पर यह अतिक्रमण तोड़ा गया है। नगर में जहां अन्य स्थानों पर अतिक्रमण है वहां पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
राजन नाडिया, एसडीएम, करैरा

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महेंद्र राजोरे Desk
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