दिनभर चकरघिन्नी रहे आतिशबाजी विक्रेता

प्रशासन ने लटकाए लाइसेंस, सामान रखकर इंतजार करते रहे दुकानदार

शिवपुरी. दीपावली के त्योहार में बस एक दिन शेष रह गया, बावजूद इसके आतिशबाजी की दुकानें नहीं सज सकीं। गांधी पार्क में जहां दुकानदारों को जमीन का आवंटन नगरपालिका ने कर दिया, लेकिन प्रशासन द्वारा लाइसेंस की अनुमति लटका दिए जाने से गुरुवार को पूरे दिन दुकानदार परमीशन का इंतजार करते रहे। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दौरान कलेक्टर भी गांधी पार्क में हालात देखने आए तो उन्होंने भी इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि एसडीएम ने अभी तक लाइसेंस क्यों नहीं दिए..?। यानि प्रशासन आपस में ही खेलता रहा और दुकानदार परेशान होते रहे।

ज्ञात रहे कि शहर के गांधी पार्क में जहां आतिशबाजी की खेरीज विक्रेताओं की दुकान लगती हैं, वहीं मेला ग्राउंड सिद्धेश्वर पर थोक विक्रेताओं को दुकान के लिए जगह नगरपालिका देती है। नगरपालिका ने तो दुकानें दे दी थीं और दुकानदारों ने अपने ठिकाने भी दोनों ग्राउंडों में चिन्हित करके अपने टीनशेड लगा लिए थे, लेकिन प्रशासन से उन्हें दुकान लगाने की परमीशन नहीं मिल पाई थी, जबकि अधिकांश दुकानदार पुराने ही थे, जिनके लायसेंस सिर्फ रिन्युअल होकर परमीशन दी जानी थी। चूंकि दुकान लगाने और सामान बेचने के प्रशासन की परमीशन जरूरी होती है, इसलिए दुकानदार अपना सामान पैक किए हुए परमीशन का इंतजार करते रहे। इस दौरान व्यवस्थाएं देखने कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह भी गांधी पार्क पहुंच गए तथा उन्होंने दुकानदारों को एहतियात बरतने की समझाइश दी। इस दौरान दुकानदारों ने कहा कि हमें सुबह से परमीशन देने की बात कही जा रही है, लेकिन अभी तक परमीशन नहीं आ सकी। इस पर खुद कलेक्टर ने कहा कि पुराने दुकानदारों के लायसेंस को रिन्युअल करके ही तो देना था, इसमें इतना समय क्यों लग गया, मैं अभी एसडीएम शिवपुरी से पूछता हूंं। यह आश्वासन देकर कलेक्टर भी चले गए, लेकिन दुकान लगाने की परमीशन देर शाम ही दुकानदारों को मिल सकी।

नपा कर्मचारी भी करते रहे इंतजार

आतिशबाजी विके्रताओं को दुकान आवंटित करने का काम नगरपालिका का होता है और नपा के कर्मचारी भी दुकानदारों के साथ परमीशन का इंतजाार करते रहे। गांधी पार्क में दुकान लगाने के बदले में दुकानदारों से 10 वाई 10 की दुकान के एवज में नपा 900 रुपए वसूल करती है, जबकि सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड के पास थोक विके्रताओं से 20 वाई 15 की दुकान के बदले में 2700 रुपए जमीन किराया वसूल किया जाता है। देर शाम जब परमीशन आई तब कहीं जाकर दुकानदारों ने अपनी सामग्री सजाकर बिक्री शुरू की।

पनपता रहा दुकानदारों में आक्रोश

आतिशबाजी दुकानों का लायसेंस रिन्युअल व नया लाइसेंस एसडीएम के यहां से मिलता है। चूंकि त्योहार में महज एक ही दिन शेष रह गया था, इसलिए दुकानदार गुरुवार सुबह ही एसडीएम ऑफिस पहुंच गए थे, तो वहां उनसे कहा गया कि दोपहर 12 बजे तक परमीशन पहुंच जाएगी। जब 12 भी बज गए तो दुकानदारों को शाम 4 बजे का समय दिया गया, लेकिन परमीशन शाम पांच बजे के बाद ही मिल सकी। दुकानदारों में इस बात को लेकर आक्रोश रहा कि हमारी दो दिन की दुकानदारी भी प्रशासन की लेटलतीफी के फेर में नही मिल सकी।

फैक्ट फाइल
गांधी पार्क में खेरीज दुकानें: 80
सिद्धेश्वर मेला गाउंउ में थोक दुकानें: 16

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महेंद्र राजोरे Desk
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