कराहल के आठ गांवों में 18 घंटे में टिड्डियां चट कर गईं चार सैकड़ा किसानों की फसल

रात में कराहल क्षेत्र के गांवों में डाला डेरा, दिन भर बड़ौदा क्षेत्र में मंडराता रहा टिड्डी दल

By: rishi jaiswal

Published: 07 Jul 2020, 11:16 PM IST

कराहल/बड़ौदा. जिले में टिड्डियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सोमवार-मंगलवार की रात को कराहल क्षेत्र के गांवों में सैकड़ों बीघा फसल चट करने के बाद मंगलवार को दिन भर टिड्डी दल बड़ौदा क्षेत्र में मंडराता रहा। हालांकि किसान दिनभर फसलों को बचाने की जद्दोजहद और टिड्डियों को भगाने की मशक्कत करते रहे, लेकिन टिड्डियों ने अंकुरित हो रही खरीफ फसलों में भारी नुकसान किया है।
सोमवार की शाम को टिड्डी दल ने कराहल क्षेत्र के मोराई, रीछी, लुहारी, खेरी, दांती, खिरखिऱी, बाढ़, निमानिया आदि गांवों में डेरा डाल दिया और रात भर में फसलों को चट कर दिया। मोराई गांव के क्षेत्र के खेतों में सोमवार की शाम 5 बजे टिड्डियां बैठ गई जो मंगलगवार की सुबह 11 बजे तक बैठी रही। हालंाकि इन 18 घंटों में किसानों ने अपने खेतों की फ़सलों को बचाने थाली, ट्रैक्टर, आतिशबाजी कर टिड्डियों को उड़ाने के भरकस प्रयास किए, लेकिन टिड्डियां रात भर बैठी रही और चार सैकड़ा से अधिक किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि टिड्डियों ने खेतो में खड़ी सोयाबीन, तिल्ली , उड़द, धान की पौध को पूरी तरह चौपट कर दिया है।


शासन से मदद की गुहार
मंगलवारकी सुबह टिड्डी दल भैंसरावन होते हुए राजस्थान में प्रवेश कर गया। किसान फसल का नुकसान के बाद शासन से मदद की गुहार लगा रहे है। टिड्डीदल ने मोराई, रीछी, लुहारी, खेरी, दांती, खिरखिरी, बाढ़, निमानिया के खेतों में उग रही फसलों को नुकसान किया है। किसानों का कहना है कि चार सैकड़ा किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। मोराई के किसान गिर्राज ने सीएम हेल्पलाइन लगा कर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

बड़ौदा क्षेत्र में दिन भर मशक्कत करते रहे किसान
रात में कराहल क्षेत्र के गांवों में सैकड़ों किसानोंं की मेहनत पर पानी फेरने के बाद टिड्डियों के एक दूसरे दल ने बड़ौदा क्षेत्र में अटैक कर दिया। बड़ौदा क्षेत्र के चंद्रपुरा, पांडोला, आवदा, राड़ेप, सलमान्या, बर्धा बुखारी आदि क्षेत्र के दर्जनों गांवों में दिन भर टिड्डी दल मंडराता रहा। इस क्षेत्र में सुबह 9 बजे से ही टिड्डी दल कराहल क्षेत्र की ओर से आ गया, जिसे भगाने के लिए किसान दिन भर खेतों में मशक्कत करतेे नजर आए। इसके बाद भी बड़ी संख्या में किसानों की सोयाबीन, तिली, उड़द, धान आदि की फसलों को व्यापक नुकसान किया है।

कराहल क्षेत्र के आठ से दस गांव में जंगली क्षेत्र के खेतों में नुकसान है। हालांकि अधिकांश खेतों में फसल नहीं निकली है, लेकिन कुछ खेतों की उग रही फसलों के अंकुरित कोपल टिड्डियों ने खाई है। अभी फसलें छोटी है पानी गिरते ही फिर से निकल आएंगी। कृषि दल ने भ्रमण किया है, लोगों को सुझाव व बचाव उपाय बताए गए हैं।
एसके शर्मा, एसएडीओ, कृषि विभाग कराहल

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