संदिग्ध मरीजों को अस्पताल ले जाने तैयार नहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम

मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है, परंतु आज तक उनको जिला अस्पताल तक लाने की जहमत विभाग ने नहीं उठाई।

By: shatrughan gupta

Published: 25 Mar 2020, 10:15 PM IST

शिवपुरी. शिवपुरी शहर से सटे ग्राम बांसखेड़ी स्थित बंधुआ मुक्ति मोर्चा के आश्रम में रह रहे बंधुआ मुक्ति मोर्चा के आदिवासी मजदूरों में कुछ संदिग्ध मरीज हैं। इनका स्वास्थ्य विभाग की टीम दो बार चैकअप कर चुकी है। मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है, परंतु आज तक उनको जिला अस्पताल तक लाने की जहमत विभाग ने नहीं उठाई। ग्रामीणों के अनुसार इन मजदूरों में सारे लक्षण वही दिख रहे हैं, जो कोरोना के बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार ग्राम बांसखेड़ी में बंधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा का आश्रम है, जहां कई मजदूर रहते हैं। यह मजदूर चार दिन पहले ही अहमदाबाद गुजरात तथा आगरा से लौटे हैं। इनमें से कई बीमार हैं, जिन्हें सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी हो रहा है। गांव के लोगों ने मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी तो विभाग की टीम मजदूरों का चैकअप करने के लिए गांव गई तथा उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान कर गांव वालों से कह दिया कि इन बीमार मजदूरों को हर हालत में जिला अस्पताल तक पहुंचा दो। ग्रामीणों का कहना है, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम से स्पष्ट कहा था कि उनके पास इन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई साधन नहीं है, इसके बाबजूद टीम केवल यह कह कर वहां से लौट गई कि विभाग ने उन्हें ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई है कि वह मरीज को अस्पताल तक ले जा सकें। ग्रामीणों ने बुधवार सुबह किसी तरह इस बात की जानकारी एक बार फिर मीडिया के माध्यम से विभाग के अधिकारियों तक पहुंचवाई।
पहले तो जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर टालते नजर आए, बाद में डॉ. एनएस चौहान ने एक टीम को ग्राम बांसखेड़ी भिजवाया। ग्रामीणों का कहना है, उक्त टीम ने भी मजदूरों को अस्पताल ले जाने की बात कही, लेकिन टीम यह कह कर लौट गई कि वह शिवपुरी पहुंच कर एम्बुलेंस भिजवा रहे हैं, परंतु कई घंटे बीत जाने के बाद भी टीम के लोगों ने एम्बुलेंस नहीं भिजवाई। इस पूरे मामले में जब जिला एपीडिमियोलॉजिस्ट लालजू शाक्य से संपर्क किया गया तो उनका कहना था, इस मामले में सीएमएचओ डॉ. एएल शर्मा को फोन लगाया तो उन्होंने व्यस्त होने की बात कही। कलेक्टर अनुग्रहा पी ने भी फोन नहीं उठाया।

बॉक्स
गांव वालों में फैली दहशत

ग्रामीणों के अनुसार यह बीमार मजदूर पूरे गांव में दिन भर घूमते फिरते हैं और ग्रामीणों के साथ बैठ कर बातचीत करते हैं। गांव की एक दुकान पर भी दिन भर खटिया डालकर बैठे रहते हैं, जहां पूरे गांव के लोगों का आना जाना रहता है। उक्त मजदूरों को लेकर ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है कि अगर इन मजदूरों में कोई कोरोना का मरीज हुआ तो पूरे गांव को लेने के देने पड़ जाएंगे।

हेल्प लाइन नंबर पर बोले- हम तो छोटे से कर्मचारी
खास बात यह है कि इस संबंध में जब हेल्पलाइन नंबर पर फोन लगाकर सूचना दी गई तो फोन अटेंड करने वाले कर्मचारी का कहना था, हम छोटे से कर्मचारी हैं, आप हमारे वरिष्ठ अधिकारियों से बात कीजिए।

हम तो यहां सिर्फ अधिकारियों के आदेश पर बैठे हुए हैं, हम इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। ऐसे में विभाग के अधिकारियों की मुस्तैदी और गंभीरता खुद व खुद सामने आ जाती है।

बांसखेड़ी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम।

shatrughan gupta
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned