मप्र प्रदेश विधानसभा उपचुनाव को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कांग्रेस सहित भाजपा को करनी पड़ी चुनावी सभाएं निरस्त

कोरोना का खौफ: चुनावी सभाओं पर ब्रेक, पार्टी नेता अब सिर्फ इस तरह कर सकेंगे प्रचार।

By: shatrughan gupta

Published: 22 Oct 2020, 10:55 PM IST

शिवपुरी. कोरोना से बचना है तो उसके लिए दो महत्वपूर्ण नियम चेहरे पर मास्क और आपस में दो गज की दूरी अनिवार्य होगी। यह नियम चुनावी सभाओं में जब नजर नहीं आए और नेताओं ने जब इन नियमों की धज्जियां उड़ाईं तो कोर्ट सख्त हो गया और उसने सभाओं पर ब्रेक लगा दिया। इतना ही नहीं, अब तक जिनकी अनुमति से यह भीड़भाड़ हो रही थी, उन्हें (कलेक्टर) भी पोस्टमैन बना दिया। अब यह अनुमति चुनाव आयोग देगा, जिसके लिए अनुशंसा जिला निर्वाचन अधिकारी यानि कलेक्टर करेंगे। सभाओं पर रोक लगने से गुरुवार को पोहरी विधानसभा Madhya Pradesh Assembly by-election की गोवर्धन पंचायत में होने वाली केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की सभा भी स्थगित हो गई। मंत्री को आधे रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। चुनावी सभाओं से कोरोना न फैल जाए, इसके लिए लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने आदेश दिए थे कि सभाओं में भीड़ न उमड़े तथा कोरोना से बचाव के लिए जरूरी मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। इतना ही नहीं, कोर्ट ने पिछले दिनों शिवपुरी कलेक्टर व एसपी को तलब कर निर्देश दिए थे, जिसमें वे यह भरोसा दिलाकर आए थे कि अब सभाओंं में भीड़ नहीं उमड़ेगी। लेकिन, उसके बाद बीते दिनों में हुई सीएम शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सीएम कमलनाथ एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सभाओं में उमड़ी भीड़ को देख कोर्ट ने इसे आमजन की जान को खतरा मानते हुए सभाओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी। ऐसी भीड़भाड़ वाली सभाओं Madhya Pradesh Assembly by-election की जगह अब वर्चुअल (ऑनलाइन) सभाएं ले सकेंगे। साथ ही जहां वर्चुअल सभाएं नहीं हो सकतीं, वहां विभिन्न दलों को सशर्त मंजूरी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री की सभा के लिए प्रशासन ने आयोग को भेजा आवेदन
भाजपा की ओर से पोहरी विधानसभा के छर्च क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा होनी थी। पोहरी के रिटर्निंग ऑफिसर जेपी गुप्ता ने बताया कि अब हमने सभा की अनुमति के लिए भाजपा का आवेदन चुनाव आयोग (भोपाल) और केंद्रीय चुनाव आयोग (दिल्ली) भेज दिया है। भाजपा के लोग अभी भी चुनावी सभाएं कराए जाने के लिए प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री की सभा के लिए प्रशासन ने आयोग को भेजा आवेदन
भाजपा की ओर से पोहरी विधानसभा Madhya Pradesh Assembly by-election के छर्च क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुनावी सभा होनी थी। पोहरी के रिटर्निंग ऑफिसर जेपी गुप्ता ने बताया कि अब हमने सभा की अनुमति के लिए भाजपा का आवेदन चुनाव आयोग (भोपाल) और केंद्रीय चुनाव आयोग (दिल्ली) भेज दिया है। भाजपा के लोग अभी भी चुनावी सभाएं कराए जाने के लिए प्रयासरत हैं।

कोर्ट ने छीन लिए अनुमति के अधिकार
चूंकि पिछले दिनों हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शिवपुरी कलेक्टर को तलब करके पूर्व में ही चेता दिया था कि अब चुनावी सभाओं में भीड़ न उमड़े अन्यथा कलेक्टर और एसपी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट में सहमति देने के बाद भी जब कलेक्टर सभाओं में भीड़ नियंत्रित नहीं कर पाए तो फिर उनके खिलाफ कार्यवाही करने की जगह, उनसे अनुमति देने के अधिकार छीन लिया। अब चुनावी सभा की अनुमति चुनाव आयोग से लेनी पड़ेगी।

टॉवर न आने वाले क्षेत्रों में सशर्त अनुमति
पोहरी के रिटर्निंग अॅफिसर जेपी गुप्ता ने बताया कि अब मंच व भीड़भाड़ वाली सभाएं नहीं होंगी, बल्कि बर्चुअल सभा हो सकती हैं। जिन क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर नहीं आते, ऐसे क्षेत्र में पहले परीक्षण किया जाएगा, उसके बाद शतों का पालन करते हुए सभा की जा सकेगी।

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