scriptKP said: I accepted the party's decision, came to Shivpuri | केपी ने प्रेस कॉन्फे्रंस में दिखाए पर्चे, अलग से दिए जवाब | Patrika News

केपी ने प्रेस कॉन्फे्रंस में दिखाए पर्चे, अलग से दिए जवाब

locationशिवपुरीPublished: Nov 02, 2023 03:28:36 pm

Submitted by:

sanuel Das

केपी ने प्रेस कॉन्फे्रंस में दिखाए पर्चे, अलग से दिए जवाब
बोले केपी: पार्टी के निर्णय को मैने किया स्वीकार, आया शिवपुरी

केपी ने प्रेस कॉन्फे्रंस में दिखाए पर्चे, अलग से दिए जवाब
केपी ने प्रेस कॉन्फे्रंस में दिखाए पर्चे, अलग से दिए जवाब
केपी ने प्रेस कॉन्फे्रंस में दिखाए पर्चे, अलग से दिए जवाब
बोले केपी: पार्टी के निर्णय को मैने किया स्वीकार, आया शिवपुरी
शिवपुरी। शिवपुरी विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह ने लंबे समय बाद बुधवार को मीडिया से मुलाकात की तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के जवाब देने के बजाए शिवपुरी में चुनाव के मुद्दे व प्रदेश सरकार के दावों के पर्चे दिखाए। हालांकि बाद में उन्होंने मीडिया से अलग-अलग बात करके सवालों के जवाब भी दिए। केपी ने कहा कि पार्टी के आदेश पर मैं पिछोर विधानसभा छोडक़र शिवपुरी सीट से चुनाव लडऩे आया हूं।
आज सुबह फिजीकल स्थित कोठी पर कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह ने सवालों के जबाव देते हुए कहा कि मैं पिछोर से 6 बार विधायक रहा हूं, तो वहां से मुझे लगाव है और मुझे वो सीट छोडऩे का दु:ख भी है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी में मेरा छात्र जीवन गुजरा है तथा यहां से मेरा सीधा जुड़ाव हमेशा से रहा है, इसलिए मेरे लिए यह सीट अनजान नहीं है। भाजपा की लाड़ली बहना योजना को उन्होंने अनुसूचित जनजाति महिलाओं के साथ भेदभाव करने वाली बताते हुए कहा कि यह सिर्फ चुनावी शिगूफा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने नारी सम्मान योजना शुरू करने का वायदा किया है। शिवपुरी में बरसों से चल रहे प्रोजेक्टों के संबंध में उन्होंने कहा कि कहां, क्या कमी रह गई, उसका हम पता करके उस दिशा में आगे काम किया जाएगा। जीत का अंतर कम होने की वजह से पिछोर सीट छोडऩे के सवाल पर केपी सिंह बोले कि मैं पीछे पलट कर नहीं देखता, बल्कि आगे देखकर चलता हूं।
दबंग छवि पर यह बोले केपी
शिवपुरी विधानसभा में भय व आतंक वाले लगाए गए बैनर एवं शहर में वैश्य वोट बैंक अधिक होने के बीच कांग्रेस प्रत्याशी की दबंग छवि प्रचारित करने के सवाल पर केपी सिंह ने कहा कि पिछोर के अलावा भौंती, बामौरकलां व खनियांधाना में वैश्य परिवार बहुत निवास करते हैँ। वहां के कई परिवार शिवपुरी में भी रहते हैं, तो उन्हें सब कुछ पता है। इसका जवाब चुनाव में जनता ही देगी।
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