scriptLeaders kept counting achievements, did not pay attention to quality | चार साल में ही फोरलेन हुई गड्ढों में तब्दील | Patrika News

चार साल में ही फोरलेन हुई गड्ढों में तब्दील

चार साल में ही फोरलेन हुई गड्ढों में तब्दील
नेता गिनाते रहे उपलब्धि, गुणवत्ता पर नहीं दिया ध्यान
भाजपा नेता की गाड़ी पहुंची वर्कशॉप, कभी भी हो सकता है गंभीर हादसा

शिवपुरी

Published: July 31, 2022 03:12:43 pm

चार साल में ही फोरलेन हुई गड्ढों में तब्दील
नेता गिनाते रहे उपलब्धि, गुणवत्ता पर नहीं दिया ध्यान
भाजपा नेता की गाड़ी पहुंची वर्कशॉप, कभी भी हो सकता है गंभीर हादसा
शिवपुरी। ग्वालियर-देवास फोरलेन को बने हुए अभी महज चार साल ही गुजरे हैं, लेकिन सडक़ में न केवल गहरे गड्ढे हो गए, बल्कि सडक़ में जगह-जगह रिपेयरिंग के थिगड़े लग गए। वरिष्ठ नेता इस फोरलेन को अपनी उपलब्धियों में गिनाते रहे, लेकिन सडक़ की गुणवत्ता पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि सडक़ में इतने खतरनाक गड्ढे हो गए कि पिछले दिनों एक भाजपा नेता की गाड़ी का पहिया तेज रफ्तार में इन गड्ढों में क्या पहुंचा, गाड़ी फिर वहां से हिल नहीं पाई और दूसरे वाहन में लद कर ही वर्कशॉप पहुंची। यदि जल्द ही जिम्मेदारों ने सडक़ पर ध्यान नहीं दिया तो कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
गौरतलब है कि ग्वालियर-देवास फोरलेन को बने हुए अभी बमुश्किल चार साल ही गुजरे हैं, लेकिन शिवपुरी से ग्वालियर के बीच सडक़ की हालत खतरनाक स्थिति में जा पहुंची। इस 120 किमी की फोरलेन का निर्माण दिलीप विल्डकॉन ने किया था, जिसे संपूर्ण राजनीतिक बरदहस्त प्राप्त था। यही वजह रही कि एनएचएआई के अधिकारियों ने रोड के इस टुकड़े से अपनी नजरें ही हटा लीं। जिसका परिणाम यह रहा कि शिवपुरी से मोहना के बीच सडक़ में न केवल गहरे गढ्डे हो गए, बल्कि कुछ जगह तो सडक़ का लेबल सेट करने वाली गिट्टी ही ऊपर आकर बिखर गई। यह स्थिति तब है, जबकि अभी बारिश का मौसम आधा भी नहीं गुजरा, आले वाले दिनों में यह सडक़ कितनी खतरनाक होगी, कहना मुश्किल होगा।
फोरलेन की दुर्दशा की कहानी
- शिवपुरी शहर की सीमा निकलते ही सतनबाड़ा के बाद से सडक़ में गड्ढों की शुरुआत हो जाती है। यह गड्ढे सडक़ के उस हिस्से में हो रहे हैं, जहां कुछ समय पहले ही रिपेयरिंग की गई है।
- सतनबाड़ा व भानगढ के बीच गाराघाट डाकबंगले के पास बने पुल के आसपास बारिश होते ही पानी सडक़ पर भर जाता है, क्योंकि जल निकासी का कोई रास्ता नहीं बनाया गया। जलभराव के चलते यहां डामर सडक़ उखडऩा तय है।
- सतनबाड़ा से मोहना के बीच सडक़ में लगभग दो दर्जन से अधिक गड्ढे हो गए। डिग्री पुल के पास लगभग 20 मीटर डामर सडक़ ही गायब हो गई तथा सफेद गिट्टी सडक़ पर बिखरी हुई हैं।
जा रहे थे मोहना, डिग्री पुल पर खड़े रह गए
भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभाकर लवंगीकर के पुत्र अमित लवंगीकर अपनी पत्नी को केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे से मिलवाने के लिए चार दिन पूर्व मोहना अपनी कार से जा रहे थे। चूंकि समय कम था, इसलिए की कार की रफ्तार थोड़ी अधिक थी। मोहना से पहले डिग्री पुल के पास उखड़ी सडक़ पर जब अमित की कार पहुंची तो उसमें इतनी टूट-फूट हो गई कि कार उस जगह से हिल भी नहीं सकी। वे सपत्नीक दूसरे साधन से मोहना पहुंचे, जबकि उनकी कार को वर्कशॉप वाले क्रेन से उठवाकर दूसरे वाहन में लादकर ले गए। यह तो महज उदाहरणहै, लेकिन बदहाल सडक़ की वजह से आए दिन लंबी दूरी वाले लोगों को इसी तरह परेशान होना पड़ रहा है।
सबसे अधिक है हाईवे पर ट्रैफिक
आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग होने की वजह से इस रोड पर सबसे अधिक ट्रेफिक है। इस रोड से हर दिन लगभग 20 हजार ट्रक निकलते हैं तो लगभग 50 हजार कार व अन्य लग्जरी छोटे वाहन गुजरते हैं। जिसमें सवार लोग दिल्ली-मुंबई से लेकर आगरा व दूसरे राज्यों के लोग भी शामिल होते हैं। जिन्हें इस खतरनाक हाईवे से होकर गुजरना पड़ रहा है। चूंकि सडक़ फोरलेन है, इसलिए वाहनों की रफ्तार भी अधिक रहती है, तथा एकाएक सडक़ पर गड्ढे आ जाने से वाहन नियंत्रित नहीं हो पाता।
तीन टोल टैक्स, सडक़ बदहाल
शिवपुरी-ग्वालियर के बीच इस हाईवे पर तीन टोल टैक्स हैं। जिसमें पूरनखेड़ी के बाद भानगढ़ व पनिहार, जिसमें तीनों टोल टैक्स पर लगभग 300 रुपए से अधिक का टोल वसूला जा रहा है। लेकिन सडक़ के नाम पर 7 किमी की टू-लेन सडक़ के अलावा शिवपुरी से मोहना के बीच गड्ढों वाली फोरलेन सडक़। ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि पहले सडक़ सुधार लो, फिर टोल वसूलो तो अखरता नहीं है, लेकिन गड्ढों वाली सडक़ होने से हमारे वाहनों का मेंटेनेंस अधिक हो गया है।
बोले एनएचएआई मैनेजर: चल रहा रिपेयरिंग कार्य
फोरलेन पर कुछ जगह सडक़ खराब हो गई है तथा गड्ढे हो गए हैं, जिनकी रिपेयरिंग का काम लगातार जारी है। एक साइड में तो रिपेयरिंग हो गई है और अब दूसरी साइड में भी गढ्डों का भराव करवा रहे हैं। सडक़ बनाने वाली कंपनी ही मेंटेनेंस करवा रही है।
राजेश गुप्ता, प्रोजेक्टर डायरेक्टर एनएचएआई शिवपुरी
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