उधर लॉकडाउन और इधर ये अपने काम निपटाते रहे

शिवपुरी के करैरा विकासखंड का एक ग्राम कुम्हरपुरा है, जहां के अधिकांश ग्रामीण खेतीबारी करने के साथ ही ईंट बनाने का काम करते हैं।

By: rishi jaiswal

Published: 23 Apr 2020, 10:00 AM IST

शिवपुरी/करैरा। लॉकडाउन में भले ही शहरी क्षेत्र के लोगों को घर में कैद रहकर बैचेनी हुई हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग इस दौरान भी अपने जरूरी काम निपटाते रहे।

शिवपुरी के करैरा विकासखंड का एक ग्राम कुम्हरपुरा है, जहां के अधिकांश ग्रामीण खेतीबारी करने के साथ ही ईंट बनाने का काम करते हैं।

लॉकडाउन में जब दूसरे काम बंद थे तो उन्होंने फसल काटने सहित उसे सहेजने का काम शुरू किया और जब लॉकडाउन में ढील मिली तो उन्होंने ईंट बनाने का काम भी शुरू कर दिया।

ग्राम: कुम्हरपुरा

पंचायत: खैराघाट
जनपद पंचायत: करैरा

जिला: शिवपुरी
आबादी: 3500

माना जाता है कि भारत देश गांवों में बसता है और किसी भी विपदा से लडऩे में शहर से अधिक ग्रामीण क्षेत्र के लोग ना केवल सक्षम हैं, बल्कि वे शासन के नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए खुद कभी खाली नहीं बैठते।

करैरा जनपद के ग्राम कुम्हरपुरा में अधिकांश परिवार कुम्हार जाति के हैं, जिनका पैतृक काम ईंट व मटके बनाना है। जब देशभर में लॉकडाउन रहा तो इन परिवारों ने अपनी खेतीबाड़ी का काम निपटाया।

अपनी फसलों को काटने में यह परिवार खुद ही जुट गए। जब फसल काटने और उसे बेचने की तैयारी पूरी कर ली, तब तक 20 अप्रैल से लॉकडाउन में ढील देने के बाद लघु उद्योग शुरू कर दिए गए।

जिसके चलते इस गांव में रहने वाले परिवार खेतीबाड़ी का काम निपटाने के बाद अपने पैतृक काम ईंट बनाने में जुट गए। ईंट बनवाने वाले ठेकेदार ने एक भट्टे पर 4 से 5 मजदूर लगाए, जिनके बीच सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए ईंट बनाने का काम शुरू कर दिया।

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