रन्नौद मंडी अध्यक्ष का चुनाव शून्य घोषित

Mahendra Rajore

Publish: Sep, 16 2017 11:27:26 PM (IST)

Shivpuri, Madhya Pradesh, India
रन्नौद मंडी अध्यक्ष का चुनाव शून्य घोषित

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे हथियाई कुर्सी, रिटर्निंग ऑफिसर भी निलंबित


रन्नौद. जिले की रन्नौद कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष का चुनाव उच्च न्यायालय ने शून्य घोषित कर दिया। इतना ही नहीं रिटर्निंग ऑफिसर को निलंबित किए जाने का आदेश भी जारी किया गया। जयकिशन केवट ने मंडी अध्यक्ष की यह कुर्सी फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर हथियाई थी।
जानकारी के अनुसार मंडी निर्वाचन 2012 के लिए रन्नौद मंडी अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुआ था। जिसमें मंडी क्षेत्र के 3 भाग से अनुसूचित जनजाति के सदस्य बनना था। वार्ड सदस्य चयनित होने के बाद चौखरमल उर्फ जयकिशन केवट तथा माढ़ा गणेशखेड़ा वार्ड से जीते प्रत्याशी फूल सिंह आदिवासी के बीच मंडी अध्यक्ष के लिए चुनाव हुआ। जब वोटों की गिनती हुई तो दोनों के बराबर मत आए। तब अध्यक्ष पद के लिए गोली डाली गई, जो जयकिशन के नाम की उठी। इस तरह जयकिशन केवट मंडी अध्यक्ष बन गए।
जयकिशन केवट द्वारा चुनाव फार्म के साथ जो जाति प्रमाण पत्र लगाया गया, उसे फर्जी बताते हुए वार्ड 5 से दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार सिरनाम आदिवासी ने ग्वालियर खंडपीठ में अधिवक्ता नवल किशोर गुप्ता से 2013 में याचिका लगवाई। न्यायालय में याचिकाकर्ता ने बताया कि जयकिशन माझी पिछड़ा वर्ग में आता है, लेकिन उसने फर्जी माझी आदिवासी प्रमाण पत्र लगा कर अपना फार्म रिटर्निंग ऑफिसर नायब तहसीलदार एमपी साहू ने उसे स्वीकृत कर दिया था। इस मामले में 14 सितंबर को हुए फैसले में न्यायालय ने मंडी अध्यक्ष का चुनाव शून्य करते हुए तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर को निलंबित करने का आदेश दिया।

विधायक सहित दर्जनभर कांग्रेसियों को 6-6 माह की सजा
शिवपुरी। जिला न्यायालय के प्रथम व्यवहार वर्ग १ न्यायाधीश शिवपुरी अभिषेक सक्सेना की अदालत में गुरुवार को हुए एक फैसले में कांग्रेस के 12 नेताओं को 6-6 माह के कारावास व एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया। जिन्हें सजा सुनाई गई है उनमें कोलारस विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामसिंह यादव, पूर्व विधायक हरिवल्लभ शुक्ला, वीरेंद्र रघुवंशी (जो अब पार्टी बदलकर भाजपा में आ गए) भी शामिल हैं। मामले में कुल 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था इनमें ६ महिलाए शामिल थीं। न्यायाधीश ने कलेक्ट्रेट पर हमले की घटना को गंभीर मानते हुए यह सजा सुनाई, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने निर्णय में किया। इस मामले में दो अभियुक्त हजारी व रेखा फरार हैं।
गौरतलब है कि सिंधिया छत्री के पास सरकारी जमीन पर कब्जा करके सैकड़ों परिवारों ने फक्कड़ कॉलोनी बसा ली थी। शासकीय जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने जब जेसीबी चलाई तो कॉलोनी के लोगों का समर्थन करते हुए कांग्रेस नेताओं ने 30 सितंबर 2011 को पहले शहर में रैली निकाली। इसके बाद कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस नेताओं के साथ पहुंची भीड़ उग्र हो गई और कलेक्टर की डायस के अलावा फर्नीचर की तोडफ़ोड ़कर दी थी। इतना ही नहीं कलेक्टर, एडीएम व एसडीएम पर भी हमला करने का प्रयास किया था। बाद में पुलिस फोर्स ने आकर जब लाठीचार्ज किया, तब कहीं जाकर भीड़ नियंत्रित हुई। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस नेताओं सहित कुल 27 लोगों के खिलाफ न केवल अपराधिक प्रकरण दर्ज किया, बल्कि गिरफ्तार कर जेल भी भेजा, जो लगभग आठ दिन तकजेल में रहे।

 

 

 

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