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भदैया कुंड पर अधिकार का विवाद गहराया

locationशिवपुरीPublished: Aug 27, 2022 02:59:43 pm

Submitted by:

sanuel Das

भदैया कुंड पर अधिकार का विवाद गहराया
नेशनल पार्क प्रबंधन ने किया अपना दावा, तो प्रशासन ने मांगे दस्तावेज
टूरिज्म बोर्ड कर रहा सैलानियों से वसूली, आमदनी देखकर आई कब्जे की याद

भदैया कुंड पर अधिकार का विवाद गहराया
भदैया कुंड पर अधिकार का विवाद गहराया
भदैया कुंड पर अधिकार का विवाद गहराया
नेशनल पार्क प्रबंधन ने किया अपना दावा, तो प्रशासन ने मांगे दस्तावेज
टूरिज्म बोर्ड कर रहा सैलानियों से वसूली, आमदनी देखकर आई कब्जे की याद
शिवपुरी। शिवपुरी शहर के प्राचीन पर्यटन स्थल भदैया कुंड पर अधिकार को लेकर विवाद गहरा गया। माधव नेशनल पार्क प्रबंधन जहां उसे अपना बता रहा है, वहीं प्रशासन ने पार्क प्रबंधन से दस्तावेज की मांग कर डाली। इस पर्यटन स्थल पर वर्तमान में टूरिज्म बोर्ड सैलानियों से वसूली कर रहा है। पिछले दिनों पर्यटकों की भीड़ से हुई वसूली के फेर में नेशनल पार्क प्रबंधन को भी इसकी याद आ गई, अन्यथा बरसों से इस ओपन एरिया पर्यटन स्थल को कोई भी अपना मानने को तैयार नहीं था। महत्वपूर्ण बात यह है कि नेशनल पार्क प्रबंधन भदैया कुंड में कुछ भी नया करने की अनुमति नहीं दे रहा, क्योंकि वो वाइल्ड लाइफ के नियमों के विपरीत होगा। ऐसे में भदैया कुंड पर सैलानियों के लिए कुछ और नया हो पाएगा, इसमें संशय ही बना हुआ है।
शिवपुरी शहर से 3 किमी दूर स्थित प्राकृतिक झरना भदैया कुंड प्राचीन पर्यटन स्थलों में न केवल शुमार है, बल्कि झरने के नीचे स्थित मंदिर के गौमुख से निकलने वाला पानी लव वाटर के साथ-साथ डिस्टल वॉटर के रूप में भी प्रसिद्ध था। इतना ही नहीं सिंधिया स्टेट के समय में इस पानी को सोडा वाटर में तब्दील करके सात समंदर पार भेजा जाता था। टूरिस्ट विलेज होटल परिसर में आज भी वो सोडा वाटर की बिल्डिंंग मौजूद है। माना जाता है कि भदैया कुंड के झरने ेके नीचे गौमुख से निकलने वाले पानी को यदि नया विवाहित जोड़ा पी ले तो उनके बीच में कभी झगड़ा नहीं होता था। समय के साथ यह मान्यता भी अतीत की बात हो गई। लेकिन भदैया कुंड आज भी शहरवासियों सहित बाहर से आने वाले सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
ऐसी है भदैया कुंड की बनावट
भदैया कुंड के झरने में आने वाला पानी छत्री रोड के किनारे से होता हुआ पहुंचता है। इस प्राकृतिक झरने का मुख्य कुंड भले ही सीढिय़ों व पत्थर पटिया से अलग है, लेकिन उसके आगे का एक बड़ा कुंड चांदपाठा झील से जुड़ा हुआ है। कमलगट्टा से लवरेज इस कुंड को एक पार के माध्यम से चांदपाठा से अलग किया गया है, लेकिन बरसात के मौसम में यह पार भी डूब जाती है, जिसके चलते वो कुंड व चांदपाठा एक ही हो जाते हैं।
चांदपाठा का पानी वोट क्लब तक भरा हुआ
प्राचीन पर्यटन स्थल भदैया कुंड के परिसर में वोट हाउस है, जिसमे नीचे की तरफ पत्थर के बड़े-बड़े खंबे हैं, जिनमें सिंधिया स्टेट के समय झील में चलने वाले छोटे पानी के जहाज व बड़ी वोट बांधी जाती थीं, इसलिए इसका नाम वोट हाउस है। वोट हाउस के सामने ही चांदपाठा झील है, जिसका पानी वोट हाउस से टकराता है।
इसलिए नेशनल पार्क प्रबंधन कर रहा दावा
चांदपाठा झील माधव नेशनल पार्क एरिया में है और झील का एक किनारा भदैया कुंड से टकरा रहा है। चूंकि नेशनल पार्क एरिया वाइल्ड लाइफ में आता है और उससे सौ मीटर की दूरी तक कोई भी काम बिना वाइल्ड लाइफ की परमीशन के नहीं हो सकता। यही वजह है कि भदैया कुंड परिसर में बन रहा डॉल्फिन वाला बच्चों का पार्क अधूरा ही बनाकर छोड़ दिया गया।
बरसों बाद इसलिए उपज रहा विवाद
भदैया कुंड परिसर में एक कैफेट एरिया बनाया गया है, जिसमें एक होटल का संचालन होता है। इस होटल को अभी हाल ही में 70 हजार रुपए मासिक किराए पर दिया है। वहीं भदैया कुंड देखने आने वाले सैलानियों से भी 10 रुपए प्रति व्यक्ति किराया लिया जाता है, जो बरसात के मौसम में 60 से 70 हजार तक पहुंच जाता है। एक पर्यटन स्थल से इतनी अधिक कमाई होने के बाद भी नेशनल पार्क प्रबंधन को एक धेला भी नहीं मिल पा रहा, इसलिए अधिकार का विवाद उपज गया।
बोले सीसीएफ: हमारा ही है, रिकार्ड में देख लें
भदैया कुंड पर्यटन स्थल नेशनल पार्क प्रबंधन का ही है और हमारी चांदपाठा झील भी उसमें समाहित है। वाइल्ड लाइफ के नियमानुसार सौ मीटर की दूरी तक कोई भी कार्य बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता। वो हमारा ही है, प्रशासन चाहे तो पुराने रिकार्ड में खुद ही देख ले।
एसएल निनामा, सीसीएफ माधव नेशनल पार्क शिवपुरी
बोलीं एडीएम: मांगे हैं हमने उनसे दस्तावेज
भदैया कुंड पर नेशनल पार्क प्रबंधन अपना दावा कर रहा है, जबकि बरसों से यह ओपन एरिया होकर राजस्व की जमीन में है तथा नगरपालिका क्षेत्र में आता है। हम पार्क प्रबंधन को पत्र जारी कर रहे हैं कि यदि उनका है तो वे अपने दस्तावेज हमारे सामने पेश करें।
नीतू माथुर, एडीएम शिवपुरी
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