कोरोना संक्रमण ने छीन लिए माता-पिता, बेटे हुए अनाथ

कोरोना ने दिया जीवन भर का दर्द.....

By: Ashtha Awasthi

Published: 11 Jun 2021, 06:12 PM IST

शिवपुरी। शहर के छत्री रोड स्थित बूल हाउस के पीछे रहने वाले सहायक अध्यापक जेपी यादव व उनकी पत्नी मीना यादव का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। इनके दो बेटे हैं, बड़ा बेटा पूना में नौकरी करता है, जो अपने परिवार के साथ अनलॉक होने पर चला जाएगा। ऐसे में छोटा बेटा घर में अकेला रह गया।

परिवार में माता-पिता के रहते चहल-पहल रहती थी, अब वहां वीरानी छाई हुई है। बदरवास के कुसुअन शासकीय विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर रहे जेपी यादव, उनकी पत्नी सहित बड़ा बेटा नितिन कोरोना संक्रमित हो गए थे। इसके बाद 8 मई को मीना यादव का निधन हो गया, दो दिन बाद 10 मई को जेपी ने दुनिया छोड़ दी। बड़ा बेटा नितिन अब स्वस्थ है, पर माता पिता को खोने के बाद से मायूस है।

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उजड़ गया परिवार

नितिन ने बताया पूना में नौकरी करता है और लॉकडाउन के बाद घर आया था। छोटा भाई मोहित घर पर ही माता-पिता के साथ रहता था। माता पिता दोनों ही नहीं रहे, ऐसे में मोहित अकेला हो गया। पिता के निधन के बाद आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। नितिन ने बताया, शासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार दिए गए थे, शेष राशि का कुछ पता नहीं। छोटे भाई की अनुकम्पा नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग ने एक फार्म दिया है, जिसकी औपचारिकता पूरी कर रहा है।

नितिन का कहना है, जब तक छोटे भाई को अनुकम्पा नियुक्ति नहीं मिलती, तब तक मैं मदद करूंगा। कोरोना लॉकडाउन में कई प्राइवेट सेक्टर भी प्रभावित हुए हैं। जिस घर में माता-पिता के रहते चहल-पहल रहती थी, वहां वीरानी छाई हुई है। छोटा बेटा मोहित माता पिता के साथ ही रहता था और वही दोनों का सहारा था। उनके जाने के बाद वो टूट चुका है। वो किसी से ज्यादा बात भी नहीं कर रहा, हमेशा गुमसुम सा बैठा रहता है।

Ashtha Awasthi
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