मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती ने बिगाड़े हालात

बाजार हो या घर, सभी तरफ 6 से 8 घंटे की कटौती करने के साथ ही अधिकांश जगह तो बिना शेड्यूल के ही कटौती की जा रही है।

By: rishi jaiswal

Published: 13 Oct 2021, 10:13 PM IST


शिवपुरी. देश में कोयले की कमी के चलते विद्युत उत्पादन इकाइयों के बंद होने से गहराने वाले बिजली संकट की आहट शिवपुरी में भी सुनाई देने लगी है। बाजार हो या घर, सभी तरफ 6 से 8 घंटे की कटौती करने के साथ ही अधिकांश जगह तो बिना शेड्यूल के ही कटौती की जा रही है। पहले कोरोना ने बाजार चलने नहीं दिया और अब बिजली के संकट ने दुकानदारों की परेशानी बढ़ा दी। त्योहार से पहले मेंटेनेंस के नाम पर घंटों की कटौती ने बाजार सहित घरों में हालात बिगाड़ दिए।


शिवपुरी शहर के अस्पताल चौराहा टीबी हॉस्पीटल फीडर सहित दो अन्य फीडर पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक मेंटेनेंस के लिए लाइट बंद की जानी थी, लेकिन सुबह 9 बजे से गुल हुई बिजली, शाम 5 बजे तक नहीं आई। यही स्थिति मंगलवार को कोर्ट रोड पर भी हुई थी और शाम 4 बजे की जगह 6 बजे लाइट आई थी। ऐसे में जबकि त्योहार का सीजन चल रहा है और लोग खरीदारी करने के लिए आ रहे हैं, लेकिन लाइट न होने से दुकान में अंधेरा होने से दुकानदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक तरफ जहां बिजली न होने से बाजार में अंधेरा छाया रहता है, वहीं घरों में भी सभी कामकाज ठप हो जाते हैं। वहीं बिजली गुल होने से त्योहार की की तैयारियां बाधित हो रही हैं।


बारिश से पहले तथा बाद में हो रहा मेंटेनेंस : बिजली कंपनी ने बरसात से पहले मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती की और अब बारिश खत्म होने के बाद भी मेंटेनेंस का काम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। बाजार के दुकानदार भी यह पूछ रहे हैं कि क्या दो माह में ही पेड़ इतने बड़े हो जाते हैं कि उन्हें बिजली के तारों से दूर रखने के लिए काटा जाता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स वाले अधिक परेशान
दीपावली के त्योहार पर इलेक्ट्रॉनिक्स आइटमों की अधिक मांग रहती है तथा झालर से लेकर अन्य लाइटिंग डेकोरेटर का सामान की बिक्री होती है। लेकिन दुकान पर लाइट न होने की वजह से दुकानदार भी अपने इलेक्ट्रॉनिक आयटम दिखा नहीं पा रहे। क्योंकि इलेक्ट्रिक आयटम लोग बिना चेक किए नहीं लेते और घंटों तक बिजली गुल होने की वजह से उनकी दुकानदार बहुत अधिक प्रभावित हो रही है।

मड़ीखेड़ा डैम पर भी बन रही बिजली
एक तरफ जहां कोयले की कमी के चलते बिजली संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर शिवपुरी के मड़ीखेड़ा डैम पर स्थित पॉवर जनरेशन प्लांट में बिजली बनाई जा रही है। वर्तमान में मोहिनी पिकअप बियर के लिए पानी छोड़े जाने से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है तथा वर्तमान में 20 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।


पहले कोरोना और अब बिजली मार रही
बाजार को पहले कोरोना ने निपटाया और अब जब दुकानदारी का समय आया तो बिजली की अघोषित कटौती ने परेशानी बढ़ा दी। दुकान में अंधेरा होने से सामान निकालने तक में परेशानी आती है।
विमलेश राठौर, दुकानदार

हमारा तो पूरा काम ही ठप कर दिया
हमारे इलेक्ट्रॉनिक्स के आयटम तो लोग बिना चेक किए नहीं लेते। अब जब सुबह से लेकर शाम तक लाइट ही गुल रहती है तो हम भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। इलेक्ट्रॉनिक आयटम चेक कर देने के बाद यदि कुछ गड़बड़ होती है तो हमारी जिम्मेदारी कम रहती है।
धीरज कुमार,इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी

फिलहाल कोई संकट नहीं
बिजली का संकट अभी न तो जिले में है और न ही प्रदेश में अभी ऐसी कोई स्थिति बनी है। पॉवर प्लांट पर कोयले की कमी का मामला तो राष्ट्रीय मुद्दा है, इसमें हम कुछ नहीं कह सकते। फिलहाल तो मेंटेनेंस के लिए बिजली सप्लाई बंद की जाती है।
पीआर पाराशर, महाप्रबंधक बिजली कंपनी शिवपुरी

बन रही है बिजली
मड़ीखेड़ा पॉवर प्लांट में 20 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। डैम से मोहिनी पिकअप बियर को पानी दे रहे हैं, जहां से नहरों में सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। इसलिए पॉवर प्लांट में बिजली का उत्पादन हो रहा है।
मनोहर बोराते, मड़ीखेड़ा डैम प्रभारी

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