भक्ति की अनूठी मिसाल:राम मंदिर निर्माण तक चप्पल नहीं पहनने का लिया था संकल्प, 30 साल बाद अब पहनेंगे

वर्ष 2021 में भगवान राम को लेकर एक बड़ा धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद फिर से चप्पल पहनना शुरू करेंगे।

By: shatrughan gupta

Published: 08 Aug 2020, 10:43 PM IST

शिवपुरी. अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के भूमिपूजन के बाद कई भक्तों की ऐसी खबरें सामने आईं, जो उनकी प्रभु श्रीराम के प्रति आस्था और श्रद्धा को दर्शाता है। ऐसा ही भक्ति शहर में रहने वाले एक रिटायर कर्मचारी की देखने को मिली है। भगवान राम को लेकर उनकी अजीब भक्ति है। कर्मचारी ने राम मंदिर निर्माण संकल्प को पूरा करने के लिए 30 साल पूर्व 190 में चप्पलें पहनना बंद कर दिया था। अब अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन होने पर वे बोले- वह नए साल में एक धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद फिर से वे चप्पल पहनेंगेे। शहर के फतेहपुर रोड पर रहने वाले एक सेवानिवृत बेटनरी कर्मचारी कमरलाल (66) पुत्र बारेलाल राठौर भगवान राम के शुरू से बड़े भक्त हैं। उन्होंने राम मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर वर्ष 1990 में ही चप्पल-जूते त्याग दिए। 30 साल तक उन्होंने अपनी नौकरी से लेकर अन्य स्थानों पर गर्मी, बारिश या ठंड हो चप्पल-जूते नहीं पहने। कई बार उनको इन मौसम में काफी परेशानी भी उठानी पड़ी पर वे संकल्प पर अडिग रहे। उनको कई बार वरिष्ठ भाजपा नेताओं सहित उनके वरिष्ठ अफसरों ने भी चप्पल-जूते पहनने की सलाह दी, लेकिन कमरलाल के आगे भगवान राम की भक्ति ऐसी थी कि उन्होंने किसी की नहीं सुनी। उनका मानना था, इस जीवन में कभी तो राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा। अब चूंकि अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर भूमिपूजन हो चुका है तो कमरलाल का कहना है, वह अब नई साल वर्ष 2021 में भगवान राम को लेकर एक बड़ा धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद फिर से चप्पल पहनना शुरू करेंगे। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद प्रेषित किया है, जिनके सहयोग से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो सका।

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