पेड़ पर चढ़े अजगर को रेस्क्यू कर पकड़ा

शहर से 3 किमी दूर सिंधिया ट्रस्ट की छत्री कॉलोनी के नजदीक एक पेड़ पर सोमवार की सुबह एक विशालकाय अजगर नजर आया। जिसे देखकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए और इसकी सूचना नेशनल पार्क प्रबंधन को दी ।

By: rishi jaiswal

Updated: 04 Oct 2021, 10:39 PM IST

शिवपुरी. शहर से 3 किमी दूर सिंधिया ट्रस्ट की छत्री कॉलोनी के नजदीक एक पेड़ पर सोमवार की सुबह एक विशालकाय अजगर नजर आया। जिसे देखकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए और इसकी सूचना नेशनल पार्क प्रबंधन को दी । मौके पर आई रेसक्यू टीम ने बमुश्किल अजगर को पकडक़र नेशनल पार्क में छोड़ा।


सोमवार की सुबह जब छत्री कॉलोनी के लोग घूम रहे थे, तभी उन्हें पेड़ पर सरसराहट की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जब उन्होंने देखा तो एक विशालकाय अजगर पेड़ पर धीरे-धीरे चढ़ रहा था। अजगर को पेड़ पर चढ़ते देख आनन-फानन में माधव नेशनल पार्क प्रबंधन को सूचना दी गई तथा लोग पेड़ पर चढ़ रहे अजगर को भी देखते रहे, क्योंकि उसका रंग भी हरा चितकबरा होता है और एक बार यदि वो पत्तियों में ओझल हो जाता, तो फिर नजर नहीं आता। कुछ ही देर में वहां पर माधव नेशनल पार्क की रेंजर पिंकी रघुवंशी अपने साथ रेसक्यू टीम को लेकर पहुंच गईं। टीम के आने तक अजगर धीरे-धीरे रेंगता हुआ पेड़ की ऊंचाई तक पहुंच गया था, इसलिए रेसक्यू टीम के सदस्योंं को उस तक पहुंचना मुश्किल लग रहा था।

पहले गिराया, फिर उठाया
अजगर को नीचे उतारने के लिए पेड़ पर चढऩा किसी बड़े जोखिम से कम नहीं था। इसलिए लंबे बांस में लकड़ी की एक लग्गी बनाई गई, फिर उसके सहारे अजगर को पेड़ की टहनी से अलग करने का प्रयास किया। चूंकि अजगर में वजन भी अधिक था और उसकी पकड़ पेड़ पर मजबूत थी, जिसके चलते टीम के सदस्य को पेड़ के चंगुल से अजगर को अलग करने में काफी ताकत लगानी पड़ी। चूंकि पेड़ के नीचे हरी-भरी झाडिय़ां थीं, इसलिए उसे पहले इन झाडिय़ों में गिराया गया और उसके गिरते ही तत्काल टीम के शेष सदस्यों ने झाड़ी में पहुंचकर उस पर नजर रखी। तथा कुछ ही देर में उसे पकडक़र बाहर खुले में ले आए तथा माधव नेशनल पार्क में छोड़ दिया। पकड़े गए अजगर की लंबाई दस फीट से अधिक बताई जा रही है।

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