बिना रेट लिस्ट के लूट रहे दूकानदार, मनमाने दाम वसूल रहे

बीते 23 मार्च से शहर में कफ्र्यू लगाया गया और फिर जब आवश्यक वस्तुओं जैसे किराना दुकान, सब्जी के ठेले के लिए जब आदेश दिए तो यह शर्त रखी गई कि दुकानों के बाहर व ठेलों के आगे रेट लिस्ट लगाना जरूरी होगा।

By: shatrughan gupta

Published: 16 May 2020, 09:33 PM IST

शिवपुरी। कोरोना से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन में किराना दुकानों व सब्जी के ठेलों पर रेट लिस्ट लगाने के आदेश जारी किए गए थे, ताकि आमजन को भी वस्तुओं के दाम पता चल सकें।

कुछ दिन तक तो लिस्ट दुकानों व सब्जी के ठेलों पर नजर आई, लेकिन अब यह एकाएक गायब हो गई। लिस्ट ना होने की वजह से आमजन को किसी के दाम पता नहीं हैं और दुकानदार माल शॉर्टेज होने की बात कहकर उसे मनमाने दाम पर बेच रहे हैं। यही हाल सब्जी व फल वालों का भी है।

बीते 23 मार्च से शहर में कफ्र्यू लगाया गया और फिर जब आवश्यक वस्तुओं जैसे किराना दुकान, सब्जी के ठेले के लिए जब आदेश दिए तो यह शर्त रखी गई कि दुकानों के बाहर व ठेलों के आगे रेट लिस्ट लगाना जरूरी होगा।

इस आदेश का कुछ दिन पालन किया गया, लेकिन अब फिर वो ही पुराना ढर्रा शुरू हो गया। किराना की दुकान से रेट लिस्ट गायब हो गई, सब्जी वाले भी दाम पूछने पर सोचकर बता रहे हैं।

इतना ही नहीं फल बेचने वाले भी बिना रेट लिस्ट के मनमाने दाम पर फल बेच रहे हैं। जिसके चलते उनकी असल खरीद व बेचे जाने वाले दाम में बड़ा अंतर है।

इसलिए गायब की रेट लिस्ट

किराना दुकान पर मिलने वाली प्रमुख सामग्री की रेट लिस्ट होने से आमजन को हर वस्तु का दाम पता रहता है। इतना ही नहीं वो अन्य दूसरी दुकानों पर भी रेट लिस्ट देखकर उनके बीच का अंतर समझ सकता था। जिसके चलते सभी को एक समान दाम पर सामान बेचना पड़ रहा था।

अब लिस्ट हटाने के बाद दुकानदार सभी आवश्यक वस्तुओं को अधिक दाम में यह कहकर बेच रहे हैं कि बाहर से माल आना बंद हो गया है ओर जो आ रहा है, उसमें ट्रांसपोर्ट चार्ज अधिक लग रहा है। चूंकि लॉकडाउन खत्म होने की समय-सीमा निश्चित नहीं है, इसलिए लोग महंगे दाम में भी सामान लेने को मजबूर हैं।

सुबह से शाम में हो जाते हैं आधे दाम

फल व सब्जी के ठेले सुबह से कॉलोनी-मोहल्लों में घूमना शुरू हो जाते हैं, इनमें से किसी पर भी रेट लिस्ट नहीं होती। सुबह के समय ठेले वाले अपनी मर्जी के दाम बताकर सामान बेचते हैं और जब माल बचने लगता है तो फिर शाम तक उसके दाम घटाते हुए आधे पर ले आते हैं। रेट लिस्ट ना होने से आमजन को जानकारी नहीं होती, इसलिए वो इन ठेले वालों के हाथों लुटने को मजबूर है।

कलेक्टर बोलीं : हम दिखवा लेते हैं

हमने व पुलिस अधीक्षक ने 2 दिन पूर्व भ्रमण किया था तो फल के ठेलों पर रेट लिस्ट लगी थी। किराना की दुकानों या ठेले वालों पर यदि रेट लिस्ट नहीं लगी है, तो हम उसे चेक करवा लेते हैं। क्योंकि सभी को रेट लिस्ट लगाना जरूरी है।

अनुग्रहा पी, कलेक्टर, शिवपुरी

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