सर्दी से ठिठुरे लोग, पारा पहुंचा 3.50 पर

अलाव जलाना भूली नपा, धूप निकलने के बाद भी कम नहीं हुआ सर्दी का अहसास

 

By: Shyam

Published: 04 Jan 2018, 03:52 PM IST

शिवपुरी. नए साल के बाद से मौसम का जो मिजाज बिगड़ा तो फिर तीन बाद भी नहीं सुधरा। शीतलहर की चपेट में आए जिले में अब मौसम भले ही खुल जाता है और धूप भी निकल रही है, लेकिन सर्द हवाओं के चलने से सर्दी का अहसास कम होने का नाम नहीं ले रहा। एक तरफ जहां कड़ाके की सर्दी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर ठंड से ठिठुरते लोगों को राहत देने के लिए अभी तक नगरपालिका ने अलाव जलाने की कोई व्यवस्था नहीं की। मंगलवार को जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस था, वहीं बुधवार को पारा डेढ़ डिग्री और नीचे सरक कर 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बुधवार की सुबह कोहरा तो नहीं छाया, लेकिन चलने वाली सर्द हवाओं ने शरीर में सिहरन पैदा कर दी। धूप निकलने के बाद भी लोगों को सर्दी से राहत नहीं मिली।
अपने स्तर पर कर रहे अलाव की व्यवस्था
वैसे तो हर साल सर्दियों के मौसम में नगरपालिका शहर के विभिन्न हिस्सों में अलाव जलाने के लिए लकड़ी पहुंचाया करती थी। लेकिन जब तापमान साढ़े तीन डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, तब भी नपा ने अलाव की कोई व्यवस्था नहीं करवाई। सांझ ढलते ही लोग अपने स्तर पर ही लकडिय़ों की व्यवस्था करके अलाव जलाते हैं, ताकि सर्द हवाओं से वो मुकाबला कर सकें। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल सहित चौराहों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रभारी सीएमओ नपा शिवपुरी जीपी भार्गव यह बात सही है कि सर्दी कड़ाके की पडऩे लगी है। अलाव जलाने के लिए हम आज ही प्वाइंट चिह्नित करते हैं और जल्द ही वहां पर लकड़ी भिजवाने की व्यवस्था करवाएंगे।
दिल के मरीज व बच्चों को सावधानी जरूरी
पड़ रही कड़ाके की सर्दी के बीच दिल के मरीजों व बच्चों के लिए मौसम खतरा बन सकता है। क्योंकि सर्द सुबह ही अधिकांशत: दिल का दौरा पड़ता है। डॉक्टरों की सलाह है कि दिल के मरीज सुबह जल्दी रजाई से बाहर न निकलें। जब धूप निकल आए, तभी वे अपनी दिनचर्या की शुरुआत करें। साथ ही बच्चों को शीतलहर से बचाकर रखें, क्योंकि ऐसे मौसम में बच्चों को निमोनिया आदि का खतरा बढ़ जाता है।
बदली दिनचर्या
सर्द हवाओं ने लोगों की दिनचर्या भी बदल दी है। जो लोग सुबह जल्दी उठकर अपनी दिनचर्या शुरू करते थे, वे भी अब दिन निकलने का इंतजार करते हैं और रजाई भी तभी छोड़ रहे हैं, जब धूप नजर आने लगती है। विशेषकर महिलाओं के घर के काम भी देरी से शुरू हो रहे हैं। चूंकि प्राइवेट स्कूल अभी साढ़े नौ बजे से शुरू हो रहे हैं, इसलिए बच्चों को स्कूल भेजने व उनके लिए लंच आदि तैयार करने के लिए महिलाओं को न चाहते हुए भी जल्दी रजाई छोडऩी पड़ रही है।
मरने लगे मवेशी
इन दिनों पड़ रही कड़ाके की सर्दी के बीच आमजन जहां बमुश्किल शीतलहर का मुकाबला कर पा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आवारा मवेशियों के लिए यह सर्दी अभी से काल बनने लगी। बामौरकलां में बुधवार की सुबह दो गौवंश मृत हालत में पड़े मिले। ग्रामीणों का कहना है कि सर्दी के चलते इन मवेशियों की मौत हो गई। हालांकि मवेशियों की ठंड से मौत होने की पुष्टि किसी जिम्मेदार ने नहीं की है।

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