जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर निकाली अंत्येष्टि की राशि

राशन कार्ड बनवाने पहुंचा जनपद तो पता चला कि दो साल पहले हो चुकी है मौत

By: rishi jaiswal

Published: 04 Oct 2021, 10:29 PM IST


शिवपुरी/बदरवास. जिस इंसान को शासकीय दस्तावेज में दो साल पहले ही मृत मान लिया हो, वो यदि जिंदा ही सामने आ जाए तो फिर चौंकना लाजमी है। ऐसा ही कुछ बदरवास जनपद में किया गया, जहां पर एक वृद्ध को दो साल पहले ही न केवल मृत घोषित कर दिया गया, बल्कि अंतिम संस्कार की मिलने वाली शासकीय राशि भी निकाल ली गई। यह राज तब खुला, जब वो जनपद में राशन कार्ड बनवाने पहुंचा।
बदरवास की गा्रम पंचायत चंदोरिया में रहने वाले रघुराज सिंह यादव (65), जब जनपद में कार्ड बनवाने गए, तो वहां पदस्थ कर्मचारी ने उसे जीवित देखकर पहले तो हल्का झटका खाया, फिर वो बहुत संभलते हुए बोला कि तुम जिंदा कैसे हो, दस्तावेज में तो तुम्हारी मौत दो साल पहले ही हो गई। यह पूरा खेल इसलिए खेला जाता है ताकि मृत व्यक्ति के नाम से मिलने वाली अंतिम संस्कार की राशि को हजम किया जा सके। रघुराज ने जब परिजनों को यह बात बताई तो उनके बेटे ने जनपद में जाकर मालूम किया, तो समग्र आईडी से लेकर अन्य दस्तावेजों में रघुराज को वर्ष 2019 में ही मृत बताकर उनके अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाले 5 हजार रुपए निकाले जाना दस्तावेजों में दर्ज मिला।

अंत्येष्टि राशि हजम करने किया कारनामा
यह सब कुछ किसी गलती या भूल से नहीं किया गया, बल्कि जान बूझकर अंतिम संस्कार की राशि हजम करने के उद्देश्य से किया गया। क्योंकि जब रघुराज का मामला सामने आया तो फिर अन्य दूसरे लोगों ने भी बताया कि हमारे परिवार में भी जो मौत हुई, उसमें अंतिम संस्कार के लिए कोई राशि नहीं दी गई, जबकि दस्तावेजों में वो राशि आहरित की गई है। इससे तो लगता है कि जनपद पंचायतों में पदस्थ कर्मचारियों का कोई रैकेट काम कर रहा है, जो इसी तरह जिंदा को मृत बताकर उसके नाम से मिलने वाली अंतिम संस्कार की राशि हजम कर रहा है।

मेरी पत्नी के नाम से भी निकाला पैसा
हमारी पंचायत में बहुत फर्जीबाड़ा किया जा रहा है। मेरी पत्नी पिश्ता बैरागी की प्रसव के दौरान अस्पताल में तीन वर्ष पहले मौत हो गई थी। जिसकी अंत्येष्टि को मिलने वाली राशि को भी निकाल कर हजम कर लिया गया है, मुझे आज तक वो राशि नही मिली है।
कृष्णगोपाल बैरागी, निवासी चंदोरिया

हमने 181 पर कर दी शिकायत
मेरे पिताजी अभी जिंदा हैं, लेकिन उनको दो वर्ष पहले मृत घोषित कर फर्जी तरीके से अंत्येष्टि के पैसे निकाल लिए गए हैं। जो बहुत ही घृणित काम है तथा हमने इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 नंबर पर की है।
जयमंडल सिंह यादव, पीडि़त वृद्ध का बेटा निवासी चंदोरिया

संज्ञान में आया है मामला
मैंने अभी प्रभार संभाला है और यह मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। मैं इसे दिखवाता हूं तथा जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
एलएन पिप्पल, सीईओ, जनपद

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