बाल विवाह की सूचना पर पहुंची टीम, परिजन बोले यहां तो कोई विवाह नहीं

लड़की परिजनों ने पहले तो टीम के सदस्यों से कहा कि साहब गांव में विरोधी लोग भी रहते हंै, किसी ने चुगली कर दी होगी। हमारे यहां तो कोई विवाह नहीं है, अभी तो हमने बिटिया की सगाई की है। पर आप तो यह बताओ शिकायत किसने की है?। टीम ने कहा कि हम सूचनादाता का नाम नहीं बता सकते, सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रहता है, अगर हम नाम बता देंगे, तो हमें सूचनाएं मिलना बंद हो जाएंगी।

By: rishi jaiswal

Published: 14 Jun 2020, 11:15 PM IST

शिवपुरी। बीते शनिवार को चाइल्ड लाइन पर किसी व्यक्ति ने पिछोर विकासखंड के नादिया नयाखेड़ा गांव में 16 वर्षीय मानसी (परिवर्तित नाम) के बाल विवाह की सूचना दी थी। सूचना के अनुसार बालिका का बाल विवाह 15 जून सोमवार को होना था, परंतु शनिवार को ही महिला बाल विकास एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर परिजनों को बाल विवाह अपराध की गंभीरता को बताकर परिजनों को आयोजन न करने का सुझाव दिया। विवाह के बारे में तो पहले परिजनों ने साफ मना कर दिया, लेकिन जब उनसे सख्ती से पूछा तो वे बोले कि साहब, जमाना खराब है, कौन रखवाली करे, इसलिए सोचा कि हाथ पीले कर दें।

लड़की परिजनों ने पहले तो टीम के सदस्यों से कहा कि साहब गांव में विरोधी लोग भी रहते हंै, किसी ने चुगली कर दी होगी। हमारे यहां तो कोई विवाह नहीं है, अभी तो हमने बिटिया की सगाई की है। पर आप तो यह बताओ शिकायत किसने की है?। टीम ने कहा कि हम सूचनादाता का नाम नहीं बता सकते, सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रहता है, अगर हम नाम बता देंगे, तो हमें सूचनाएं मिलना बंद हो जाएंगी।

परियोजना अधिकारी अरविंद तिवारी, सेक्टर पर्यवेक्षक राजकुमारी झा, पुलिस चौकी खोड़ (थाना भौंती) से फेव सिंह एवं नवनीत सिंह जाट ने मौके पर जाकर स्थानीय सरपंच रेखा सुरेंद्र शर्मा, शिक्षक तेजप्रकाश परिहार, पूर्व उपसरपंच गुलाब सिंह यादव एवं स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनीता परिहार को भी बुलाया। पहले तो परिजनों ने विवाह होने की बात को गलत ठहराया, किंतु जब स्थानीय लोग जमा हुए तो परिजनों ने सोमवार को विवाह होने की बात स्वीकार कर ली।

बालिका के आयु के प्रमाण देखने के बाद टीम ने परिजनों से कहा कि अभी तो इसकी उम्र 16 वर्ष है, इसलिए 2 साल तक विवाह नहीं कर सकते। परिजनों ने कहा साहब! जमाना खराब है, हम मजदूर आदमी है काम पर चले जाते हैं। कौन रखवाली करे, लड़की को अकेला छोड़ नहीं सकते, इसलिए सोचा कि हाथ पीले करें और आजाद हों।

अब कानून है, तो मानेंगे 2 साल बाद कर देंगे। परिजनों ने टीम को 18 वर्ष से पहले विवाह न करने का लिखित वचन पत्र दिया। सरपंच, पूर्व उपसरपंच एवं स्थानीय शिक्षक ने भी परिजनों को 18 वर्ष से पहले विवाह नहीं करने देने का लिखित आश्वासन दिया।

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