एक माह से फुंका पड़ा है ट्रांसफार्मर, नहीं हो पा रही फसलों की सिंचाई

एक माह से परेशान ग्रामीण, 11 हजार रुपए जमा करने के बाद भी बिजली कंपनी मौन
पीडि़त किसान बोले, सिंचाई न होने से सूख रही फसलें

शिवपुरी. मंगलवार को ग्राम गूगरीपुरा से कुछ ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में गुहार लगाई कि उनके गांव में पिछले 10 साल से डीपीआई योजना के तहत एक ट्रांसफार्मर रखा गया था। अब एक माह पूर्व वह ट्रांसफार्मर खराब हो गया, बिजली कंपनी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। स्थिति यह है कि बिजली न होने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही और फसलें सूख रही हैं। जिम्मेदार अधिकारी सबकुछ जानकर भी ध्यान नहीं दे रहे।


जानकारी के मुताबिक गूगरीपुरा के एक किसान शंकरलाल ने बताया कि 2008 में डीपीआई योजना के तहत हमारे गांव में ट्रांसफार्मर रखा गया था। उसी से पूरे क्षेत्र में बिजली आती है। अब वह ट्रांसफार्मर एक माह पूर्व फुंक गया है। ऐसे में कई बार बिजली कंपनी के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुन नहीं रहा। बालाजी धाम सब स्टेशन पर कंपनी के सुपरवाइजर सुनील शर्मा ने नया ट्रांसफार्मर रखवाने की एवज में 11 हजार रुपए ले लिए और उसकी कोई रसीद भी नहीं दी। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। फिर हम लोग वाणगंगा स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय पर पहुंचे तो वहां पर हमारे गांव में रखे ट्रांसफार्मर का कोई रिकोर्ड ही नहीं है। अब बोल रहे हैं कि कोई रिकॉर्ड ही नहीं है, ट्रंासफार्मर कैसे बदलें। स्थिति यह है कि खेतों में गेहूं व चने की फसल खड़ी है। बिजली न होने से फसल में पानी नही दे पा रहे हैं।


रिटायर डीएसपी पर पूर्व पार्षद ने लगाया नाली पर कब्जा करने का आरोप

शहर के महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी पूर्व महिला पार्षद नीलम बघेल ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि कॉलोनी में रहने वाले रिटायर डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार व उनके साथियों ने सार्वजनिक नाली पर कब्जा कर लिया है। ऐसे में गंदे पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पूरे मोहल्ले को परेशानी उठानी पड़ रही है। पीडि़ता ने कलेक्टर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।


खाली प्लॉट को बदल दिया रिहायशी भवन में, बेचने में आ रही परेशानी

जिले के कोलारस स्थित तेंदुआ निवासी मुकेश पुत्र हरमुखा वर्मा ने बताया कि उसका खाली प्लॉट फतेहपुर में है। मेरा खाली प्लॉट खसरे में रियासी भवन दर्ज कर दिया गया है। मैं ढाई माह से इसे सुधरवाने के लिए तहसील से लेकर एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट चुका हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। जब तहसील में जाता हूं तो वहां पदस्थ बाबू मुझसे इस काम के बदले 5 हजार रुपए की मांग करता है। पीडि़त ने मांग की है कि खसरे में उसका खाली प्लॉट किया जाए।


एक साल पूर्व हुई थी शिक्षक पिता की मौत, अभी तक नहीं मिली अनुकंपा नियुक्ति

पिछोर कस्बे में रहने वाले युवक अंकित दुबे ने आवेदन दिया है कि करीब डेढ़ साल पूर्व 18 फरवरी 2019 को उसके पिता सरेन्द्र कुमार दुबे का नौकरी में होने के दौरान निधन हो गया था। उसके बाद से वह अनुकंपा नौकरी के लिए आवेदन कर रहा है, लेकिन उसके आवेदन पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। पिता उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर थे। पीडि़त ने जल्द से जल्द नौकरी दिलाए जाने की मांग की है।

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महेंद्र राजोरे Desk
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