उद्यानिकी विभाग में मिले दो मृत कौअे, भोपाल जांच के लिए भेजा सैंपल

दो दिन में आएगी जांच रिपोर्ट, पशु विभाग ने की एडवाइजरी जारी
बर्ड फ्लू की संभावना को लेकर आरआरटी टीम गठित

शिवपुरी. देश व प्रदेश के साथ शिवपुरी में भी कौओं के मरने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को शहर के उद्यानिकी विभाग में दो कौअे मृत अवस्था में पाए गए। पशु विभाग ने इन दोनों कौओं के सैंपल लेकर भोपाल प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा है। दो दिन में जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि इन मृत कौओं में बर्ड फ्लू के लक्षण थे या नहीं। इसके साथ ही पशु विभाग ने अपनी एडवाइजरी जारी करते हुए आरआरटी टीम गठित कर दी है।


आरआरटी टीम के प्रभारी डॉ. संजीव गौतम ने बताया कि दो कौअे मृत मिलने के बाद उनके सैंपल लेने की कार्रवाई कर उन सैंपलों को भोपाल जांच के लिए भेजा गया है। दो दिन में जांच के बाद स्थिति क्लीयर हो जाएगी। इसके बाद भी हमारे विभाग ने पूरे जिले में इस गंभीर बीमारी के चलते अलर्ट करते हुए विभिन्न टीमें गठित कर दी हैं जो पॉल्ट्री फार्म सहित अन्य उन स्थानों का निरीक्षण करेंगी जहां अधिक संख्या में पक्षी रहते हैं। इसके साथ ही आमजन से अपील है कि कहीं भी कोई पक्षी अचानक से बिना कोई कारण से मृत हो तो वह इसकी सूचना विभाग को तुरंत दे। इंदौर जिले में कौओं के सैंपल में एवियन इन्फ्लुएंजा बर्ड फ्लू के एच5एन8 वायरस से रोग होनेे की पुष्टि की सूचना प्राप्त होने के बाद बर्ड फ्लू एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान के अंतर्गत जिले में आरआरटी का गठन किया गया है। गठित दल में प्रभारी के रूप में डॉ. संजीव गौतम 9406584731, डॉ. एसएस राठौर 9425114178, डॉ. मुकेश गुप्ता 9827520139 एवं सहायक के रूप में मनोज गुप्ता एवं कैलाश बाथम, भृत्य सुखलाल बाथम एवं राजेन्द्र तोमर को नियुक्त किया गया है। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका टेलीफोन नंबर 07492-221506 है।


कैसे फैलती है यह बीमारी


पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. एमसी तमोरी ने बताया कि बर्ड फ्लू इंफेक्शन मुर्गी, टर्की, गीस, मोर और बतख एवं प्रवासी पक्षियों में तेजी से फैलता है। इन्फ्लूएंजा वायरस से पक्षियों की मौत भी हो सकती है। बर्ड फ्लू का वायरस मुख्यत: मनुष्य के श्वसन तंत्र को डैमेज करता है। पक्षियों के आंख, गर्दन एवं सिर के आसपास सूजन एवं रिसाव, बुखार आना 42 डिग्री सेल्सियस, अन्डों की संख्या में कमी, कलगी एवं पैरों का रंग बदलना, पक्षियों में अचानक कमजोरी आना, हरकत कम करना, पंखों का झडऩा, गर्दन का अकडऩा, पक्षियों की अधिक संख्या में अप्राकृतिक मृत्यु होना। यह सभी बर्ड फ्लू के लक्षण हो सकते हैं।


यह बरतें सावधानियां


पोल्ट्री के मीट एवं अंडे का सेवन अच्छी तरह पकाने के बाद करें। संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से बचें। पोल्ट्री उत्पाद खरीदते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। संक्रमण से बचने के लिए हाथों को लगातार धोएं और सेनेटाइज करते रहें। जिस इलाके में संक्रमण है वहां पर कोशिश करें कि न जाएं या मास्क पहनकर ही जाएं। पोल्ट्री दुकानदार पोल्ट्री की हैंडलिंग करते समय मास्क, ग्लव्स आदि पहनना सुनिश्चित करें।

महेंद्र राजोरे Desk
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