जिले में पहली बार होगा वीवीपीएटी का प्रयोग

कोलारस उपचुनाव: वीडियो कैमरों से भी चुनाव पर रखी जाएगी नजर, विवादों से बचने के लिए चुनाव आयोग का फैसला


By: shyamendra parihar

Published: 20 Jan 2018, 10:51 PM IST

शिवपुरी. कोलारस उपचुनाव भाजपा और कांगे्रस के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। यही कारण है कि पूरा चुनाव हाई वोल्टेज हो चुका है। ऐसे में प्रशासन और चुनाव आयोग के सामने भी इस चुनाव को निष्पक्षता पूर्वक, शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना बड़ी चुनौती है। यही कारण है कि उपचुनाव में चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि चुनाव के दौरान वीवीपीएटी का प्रयोग किया जाएगा। शिवपुरी जिले में में अब तक का यह पहला मौका होगा जबकि चुनावों में वीवीपीएटी प्रयोग में लाया जाएगा। वीडियो कैमरों से भी चुनाव पर नजर रखी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रदेश के चित्रकूट व अटेर में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में २०१९ से ठीक पहले कोलारस और मुंगावली के चुनावों को आखिरी उप चुनाव माना जा रहा है। इस स्थिति में कोलारस और मुंगावली चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बने हुए हैं। पूरी सरकार इन चुनावों में अपना सब कुछ झोंकने को तैयार है। वहीं दूसरी ओर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपनी इन सीटों को बरकरार रखने के लिए पूरे दमखम से लगे हुए हैं। ऐसे में चुनाव के बाद ईवीएम मशीन और चुनाव आयोग पर लगने वाले आरोप प्रत्यारोंपों के चलते फैसला लिया गया है कि चुनाव में वीवीपीएटी (वोटर वैरीफाइड पेपर ऑडिट ट्राइल) मशीन का प्रयोग किया जाएगा। साथ ही प्रशासन संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों को चिह्नित करने में लगा हुआ है और ऐसे केन्द्रों के चुनाव पर वीडियो कैमरों से भी नजर रखी जाएगी।
कब क्या होगा
कोलारस उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि ६ फरवरी होगी और 7 जनवरी को प्राप्त नाम निर्देशन पत्रों की समीक्षा की जाएगी। नाम निर्देशन पत्र जमा करने वाले प्रत्याशी 9 फरवरी तक अपने नाम वापस ले सकते हैं। नाम वापसी पश्चात चुनाव मैदान में रहे उम्मीदवारों के लिए २४ फरवरी को मतदान होगा और 28 फरवरी को कोलारस आईटीआई में मतगणना की जाएगी।
कोलारस में 2लाख 45 हजार मतदाता
कोलारस में होने वाले चुनाव में2 लाख45 हजार 796 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इन मतदाताओं में1 लाख 31हजार 307 पुरुष,1 लाख14 हजार 789 महिला मतदाता हैं जबकि 7 मतदाता थर्ड जेंडर के हैं। कलेक्टर के अनुसार चुनाव के लिए 33 सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें सेक्टर मजिस्ट्रेट्स की नियुक्ति की जा रही है।
हटने लगने बैनर पोस्टर
आचार संहिता लगते ही शासकीय कार्यालयों पर लगे ऐसे बैनर पोस्टरों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है जो आचार संहिता की परिध में आ गए हैं। कलेक्टर का कहना है कि धीरे धीरे सभी जगहों से बैनर पोस्टर हटा दिए जाएंगे। उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी है। इस कंट्रोल रूम पर चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना अथवा शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

 

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