बैंक कर्मियों को महिलाओं ने किया ताले में बंद, मंत्री ने बाहर निकलवाया

मंत्री ने निकलवाया मैनेजर को बैंक से बाहर, मंत्री का काफिला रोक महिलाओं ने सुनाई खाता न खोले जाने की पीड़ा

 

 

By: shyamendra parihar

Published: 04 Jan 2018, 03:40 PM IST

शिवपुरी/बदरवास. मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा खतौरा में बुधवार को खाते न खुलने से गुस्साई महिलाओं ने ताले डाल दिए। जिससे पूरा बैंक स्टाफ अंदर बंद होकर रह गया। इसी बीच सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग का काफिला वहां से गुजरा तो महिलाओं ने उन्हें अपनी पीड़ा बताई। इसके बाद मंत्री ने ताला खुलवाकर बैंक मैनेजर को बाहर निकलवाया। मंत्री आक्रोशित महिलाओं को आश्वासन दियाकि हम इन्हें सात दिन का समय देते हैं, आज बुधवार है और अगले बुधवार तक यह काम कर देंगे।
खतौरा क्षेत्र की महिलाएं अपने समूह व खुद के खाते खुलवाने के लिए पिछले लंबे समय से बैंक के चक्कर लगा रहीं थीं। बुधवार को भी जब उनका खाता नहीं खुला तो वे इतनी नाराज हो गईं कि उन्होंने बैंक का बाहर से ताला ही लगा दिया। बैंक में ताला लगाकर जब ये महिलाएं सडक़ किनारे खड़ी थीं, तभी सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग का काफिला गुजरा। महिलाओं की भीड़ को वोटर के रूप में देखकर मंत्री तत्काल वाहन से उतरकर उनके बीच जा पहुंचे। फिर मंत्री के निर्देश पर ताला खुलवाकर बैंक मैनेजर को बाहर निकलवाया। मंत्री ने बैंक मैनेजर मुदित बेसाखिया से कहा कि जितने खाते खुलेंगे, उससे फायदा तो बैंक को ही होगा। यदि ऐसा है तो हमारे सहकारी बैंक में खाते खुलवा देते हैं। लेकिन जब उन्हें बताया कि क्षेत्रीय बैंक मध्यांचल ग्रामीण बैंक ही है। मैनेजर ने मंत्री से कहा कि मैंने इनसे कह दिया है कि मैं मंगलवार तक खाते खोल दूंगा। मंत्री ने इस बीच मध्यांचल ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से बात भी की। लेकिन जब बात नहीं बनी तो मंत्री ने कहा कि यह मंगलवार तक की बात कह रहे हैं, हम इन्हें सात दिन का समय देते हैं। इसके बाद मंत्री ने मैनेजर से कहा कि हमने आपको ताला खुलवाकर बाहर निकलवाया है। अब यदि आप इनके खाते नहीं खोलोगे, तो यह आपको बाहर नहीं जाने देंगे। बाद में सात दिन का समय देकर मंत्री ने कहा कि यदि यह सात दिन में काम नहीं करें तो फिर इन्हें बंद कर देंगे।
टिकटार्थी दिलाते रहे भरोसा, फिर साध गए चुप्पी
मंत्री जब बैंक मैनेजर व वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर रहे थे तो चुनाव के लिए टिकट का इंतजार कर रहे कुछ टिकटार्थी महिलाओं को यह समझाते रहे कि मंत्री जी बात कर रहे हैं, तुम्हारी समस्या हल हो जाएगी, दो दिन में ही खाते खुल जाएंगे। लेकिन बाद में जब मंत्री ने ही सात दिन का समय दिया, तो वे चुप्पी साध गए।

 

 

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