मां व दो बेटों को उम्रकैद, 10 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा

मां व दो बेटों को उम्रकैद, 10 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा

Akansha Singh | Updated: 16 May 2019, 07:32:50 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर जब्दी के बहादुर पुरवा निवासी 10 वर्षीय किशोर मुहीम पुत्र खलील उर्फ छोटी की 1 अगस्त 2013 को हत्या कर दी गई थी।

श्रावस्ती. मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर जब्दी के बहादुर पुरवा निवासी 10 वर्षीय किशोर मुहीम पुत्र खलील उर्फ छोटी की 1 अगस्त 2013 को हत्या कर दी गई थी। जहां घटना के दिन वह गांव के निकट सिसवारा जंगल में भैंस चराने गया था। मामले में खलील द्वारा गांव की ही साफिया पत्नी समीउल्ला तथा समीउल्ला के बेटे सफीक व सगीर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया था। मामले के विचारण के उपरांत बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने मां व उसके दोनों बेटों को हत्या के मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 31 - 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिसमें जुर्माने की आधी रकम मृतक मुहीम के पिता को देने का आदेश हुआ है।

दरअसल मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर जब्दी के बहादुर पुरवा निवासी 10 वर्षीय किशोर मुहीम पुत्र खलील उर्फ छोटी 1 अगस्त 2013 को घर से भैंस चराने के लिए निकला था। जहां गांव के निकट घोड़दौआ के जंगल मे वह भैंस चरा रहा था। गांव के अन्य बच्चे भी वही पर भैस चरा रहे थे। जिसमें गांव के समीउल्ला की सात वर्षीय बेटी नसीबुल भी भैंस चरा रही थी। भैस चरा रहे बच्चों में एक बच्चे ने नसीबुल की मां साकिया से जाकर कहा कि उसकी बेटी के साथ मुहीम छेड़खानी की है। जिसके बाद नसीबुल की मां ने मुहीम को जाकर मारा पीटा। जिससे डर के मारे मुहीम भाग कर जंगल मे छुप गया। जिसके कुछ देर बाद साकिया और उसके दोनों बेटे सफीक और सगीर मुहीम की तलाश करते हुए उसके पास जा पहुंचे। और उसे साइकिल पर बिठाकर अंदर जंगल मे चले गए। जिसे कुछ लोगो ने ले जाते हुए भी देखा। जहां जंगल मे इन लोगो ने मुहीम की हत्याकर लाश जंगल मे छुपा दिया।

मुहीम के पिता की तहरीर पर मल्हीपुर पुलिस ने मुकदमा दर्जकर मुहीम का नर कंकाल जंगल के अंदर से बरामद किया। तथा तीनो आरोपियों के खिलाफ विवेचना के बाद आरोपी पत्र न्यायालय पर दाखिल किया। मुकदमे का विचारण अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम पर हुआ। जहां अभियोजन पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश मौर्य ने की।मामले का विचारण होने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त सफीक, सगीर व शाकिया को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 31 - 31 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जिसमे जुर्माने की आधी रकम मुहीम के पिता को देने का आदेश हुआ है।

 

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