कोरोना से बर्बाद हुए सपेरों की जिंदगी में आई खुशियां

कोरोना महामारी ने हर वर्ग को प्रभावित किया है। तमाम लोगों के रोजगार चले गए, वहीं दिहाड़ी कमाई पर निर्भर रहने वाले लोगों के सामने जीवन व्यापन करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया।

By: Abhishek Gupta

Published: 13 Nov 2020, 07:11 PM IST

लखनऊ. कोरोना महामारी ने हर वर्ग को प्रभावित किया है। तमाम लोगों के रोजगार चले गए, वहीं दिहाड़ी कमाई पर निर्भर रहने वाले लोगों के सामने जीवन व्यापन करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया। गांव-गांव, शहर-शहर सांप दिखाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले सपेरों का जीवन भी इससे अछूता नहीं है। लॉकडाउन के कारण सपेरों की रोजी-रोटी बन्द हो गयी और जीवन चलाना मुश्किल हो गया। ऐसे में समाजसेवी रोहित श्रीवास्तव, इस समस्या को देखते हुए सपेरों की हरसंभव मदद करने में लगे हुए हैं। सरोजनीनगर क्षेत्र के बंगाली टोला में करीब सपेरों के 23 परिवार रहते हैं। रोहित श्रीवास्तव ने कोरोना महामारी से दूभर हुई इन परिवारों की जिंदगी फिर से संवारने का बीड़ा उठाया है।

रोहित श्रीवास्तव की ओर से बंगाली टोला में राशन, पानी, रोजमर्रा जरूरत की चीजों को बांटा जा रहा है। जिससे उनको इस विकराल समस्या के समय थोड़ा सहारा मिल सके।

14 बालिकाओं की कराई शादी-

रोहित श्रीवास्तव की ओर से बंगाली टोला में रहने वाले सपेरों के परिवारों को राशन-पानी सहित रोजमर्रा जरूरत की चीजों का वितरण कर उनकी जिंदगी को आसान बनाया जा रहा है तो वहीं बालिकाओं का विवाह कराकर उनके जीवन में दोगुनी खुशी लाने का काम किया जा रहा है। आज रोहित श्रीवास्तव ने बंगाली टोला में रहने वाले 14 बालिकाओं का सामूहिक विवाह कराया। जिसमें उनकी ओर से कन्यादान से लेकर खाना-पीना, सुहाग के सामान, कार्यक्रम के लिए टेंट की व्यवस्था, पूजा-पाठ में लगने वाले सामान सहित जोड़े के लिए कन्या दान में आर्थिक सहयोग से लेकर हर सामान की व्यवस्था उनकी ओर से की गयी है। रोहित श्रीवास्तव के इस कदम से बंगाली टोला में रहने वाले परिवारों में खुशी की लहर है।

गर्भवती महिलाओं के लिए बने सहारा

रोहित श्रीवास्तव सरोजनीनगर के बंगाली टोला में रहने वाली कई गर्भवती महिलाओं का सहारा बने हैं।उनकी ओर से गर्भवती महिलाओं के सुरक्षा के लिए गर्भ के दौरान दी जाने वाली 'जरूरी चीजों' से जुड़ी किट का वितरण किया। जिसमें अंडे का ट्रे, दलिया का पैकेट, एक-एक च्यवनप्राश का डिब्बा सहित तमाम जरूरत के समान शामिल हैं।

इस बारे में रोहित श्रीवास्तव कहते हैं कि मानव सेवा ही संसार का सबसे बड़ा धर्म है। कोरोना महामारी ने हर वर्ग को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसमें ये सपेरों के परिवार भी शामिल हैं।रोजी-रोटी पर संकट आने के इनके परिवारों का जीवन-यापन मुश्किल हो गया था।

उन्होंने बताया कि वह रुद्राक्ष वेलफेयर सोसाइटी के माध्यम से सरोजनीनगर सहित लखनऊ के तमाम पिछड़े इलाकों में समाज सेवा से जुड़े काम करते रहते हैं, इस दौरान उनकी नजर बंगाली टोला में रहने वाले पीड़ित परिवारों पर पड़ी। जिसके बाद उन्होंने उनके जीवन मे खुशियां लाने का प्रयास शुरू किया।

Abhishek Gupta
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