बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने शिक्षामित्रों को दिया भरोसा, सरकार तक पहुंचायेंगे दर्द

बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने शिक्षामित्रों को दिया भरोसा, सरकार तक पहुंचायेंगे दर्द
Shiksha Mitra

रविवार को भी घर छोड़ बीएसए कार्यालय पर डटे रहे शिक्षामित्र

सिद्धार्थनगर. शिक्षामित्रों ने सरकार के निर्णय लेने तक अपना आन्दोलन जारी रखने का ऐलान किया है। रविवार को शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर चल रहे धरने में जमे रहे। समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर रहे शिक्षामित्र रविवार को अपने घर पर भी नहीं रूकें। नाराज शिक्षामित्रों का धरना रविवार को भी बीएसए कार्यालय पर जारी रहा। शिक्षामित्रों ने कहा कि जब तक सरकार उनके सम्बंध में कोई निर्णय नहीं लेती है तब तक उनका आन्दोलन बीएसए कार्यालय पर जारी रहेगा।


रविवार को शिक्षामित्रों के आन्दोलन में सांसद जगदम्बिका पाल ने भी हिस्सा लिया। सांसद ने कहा कि शिक्षामित्रों ने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में अपना मत्हवपूर्ण योगदान लिया। इससे हम सभी अवगत है। पहले शिक्षामित्रों को समायोजित किया गया लेकिन अब कोर्ट के एक आदेश से वह फिर से शिक्षामित्र बन गए हैं। पिछली सरकार की अदूरदर्शी नीति के कारण ही शिक्षामित्रों की स्थिति हुई है। वर्तमान प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों की स्थिति को लेकर काफी गम्भीर है। ऐसे में वह सरकार से इस सम्बंध मे वार्ता करने का आश्वासन शिक्षामित्रों को दिया।


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सांसद ने शिक्षामित्रों को उनकी बात प्रदेश सरकार की मुखिया तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। शिक्षामित्र संघ व एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार गम्भीर हो तो शिक्षामित्रों की बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है। लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार इस मसले पर गम्भीर नहीं हुई है। शिक्षामित्र एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हेमन्त शुक्ला ने कहा कि लम्बे संघर्ष के बाद भी शिक्षामित्रों के अधिकारों के साथ न्याय नहीं किया गया है। अभी तक शिक्षामित्रों को जो भी कुछ मिला है वह हमारे संघर्षों की ही देन है ऐसे में आगे भी हम सभी अपने संघर्ष को जारी रखेंगे। शिक्षामित्र संघर्ष का पीछा नहीं छोड़ने वाले हैं।


इन्द्रजीत यादव ने कहा कि सरकार तक अपनी बातों को पहंुचाने तथा जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुटता के साथ कायम रहना होगा। जिससे कि सरकार हमारी बात को सुनने को मजबूर हो सके और नए कानून बनाकर हम सभी का नए सिरे से उत्थान हो सके। अगर सरकार ऐसा नहीं नहीं करती है तो एक साथ एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों परिवार तबाह हो जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। शिक्षामित्र ही नहीं शिक्षामित्रो के परिवार वालों को भी काफी उम्मीदें हैं। इस दौरान डिक्कू, संजय पाण्डेय, संजू सिंह, दीपिका, गुडिया, कौशलन्द्र त्रिपाठी, कृष्णा चौधरी, रामप्रीत, सुजीत, प्रीति, रिंकू चौधरी, राजेन्द्र यादव, सत्यभामा मिश्र, विजय पाण्डेय, कृष्णावती, सविता जायसवाल, गोरख प्रसाद, रूपा, निधि गुप्ता, पूर्णिमा यादव, पुनीता सिंह, प्रमिला देवी, पूनम, अनीता अभिषेक श्रीवास्तव, माया यादव आदि शिक्षा मित्र धरने में मौजूद रहे। 
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