योगी के इस मंत्री ने एक माह के लिये रद्द की सभी अफसराों की छुट्टी

प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने दिया निर्देश , ड्रेनेज की मदद में लगेंगे सभी विभाग के इंजीनियर, ड्रेनेज की मदद में लगेंगे सभी विभाग के इंजीनियर...

सिद्धार्थनगर. जिले में आई बाढ़ आपदा का निरीक्षण के दोरान खेल एवं युवा कल्याण मंत्री व प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि, जिले के अफसरों को अगले एक माह तक किसी भी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाएगी। कार्य में आलस करने वाले व लापरवाह अफसरों की सूची तैयार कर अवगत कराए। ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डीएम को इस सम्बंध में स्पष्ट कार्रवाई करने को कहा। जिससे कि कार्य में तेजी लाई जा सके।


रेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कडा निर्देश देते हुए कहा कि, विकास कार्यों पर जोर न देकर सभी अधिकारी बाढ़ आपदा से बचाव कार्य में एकजुट होकर सभी तक राहत पहुंचाने का काम करेंगेे। सभी विभागों के अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि, सभी विभागों के इंजीनियरों को डे्रनेज विभाग के सहयोग में लगाया जाए।

 

 

जिससे कि कहीं पर भी बाध के टूटने अथवा किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान निकाला जा सके। इसके लिए उन्होंने डीएम को सभी विभागों के अभियन्ताओं की उपस्थिति सुनश्चित करने का निर्देश दिया। जिससे कि जिले में अब कोई बांध न टूटने पाए।

 

बैठक के दौरान ही सांसद ने प्रभारी मंत्री को जिले के विभिन्न हिस्सों की स्थितियों से अवगत कराया जिससे कि लोगों तक राहत मिल सके। प्रभारी मंत्री ने कहा कि, बाढ़ से बचाव व राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि, बाढ़ राहत व बचाव कार्य में धन की कमी को आडे़ नहीं आने दिया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान सांसद जगदमिब्का पाल, विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू, एसपी सत्येन्द्र कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष राम कुमार कुंवर, लालजी त्रिपाठी के अलावा सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहें।

 

 

और बांध कटा तो नपेंगे जिम्मेदार

प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर अब कहीं पर भी बांध टूटा तो अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। अपनी जिम्मेदारियों को समय से पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी। मंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य नहीं होगी। डे्रनेज के अधिशासी अभियन्ता को बांधों की निगरानी करने व स्थिति के अनुसार उन पर कार्य कराने को कहा। जिससे कि किसी भी प्रकार की विकट स्थिति न खड़ी होने पाए। ऐसे में कहीं पर भी बांध टूटा तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

चिन्हित होंगे आलसी, लापरवाह अफसर होगी कार्रवाई

समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने डीएम को आलसी अधिकारियों की सूची तैया करने को कहा। उन्होंने कहा कि बाढ़ बचाव व राहत कार्य के दौरान ही ऐसे अफसरों को चिन्हित किया जाय।

 

बाढ़ व बचाव कार्य में रूचि नहीं लेने व जरा भी आलस तरीके से काम करने वाले अफसरों को चिन्हित किया जाय जिससे कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। उन्होंने डीएम को निर्देश देते हुए कहा कि दैविय आपदा के दौरान भी सुस्त रहने वाले व सहयोग नहीं करने वाले अफसरों की जरूरत नहीं है। उन्हें छुट्टी चाहिए तो हमेशा के लिए ही छुट्टी दे दी जाएगी। लेकिन लापरवाही, सुस्ती व आलस नहीं चलेगा।

 

 

अफसर बताएं परेशानी होगा समस्या का समाधान

प्रभारी मंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों से बाढ़ व राहत बचाव कार्य में आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही विभागीय समस्याओं पर भी चर्चा करते हुए कहा कि, किसी भी प्रकार की समस्या हो तो अवगत कराए, जिससे कि समय से उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने सभी अफसरों से उनकी समस्या जाननी चाही लेकिन किसी भी अफसर ने समस्या नहीं बताई। तो उन्होंने कहा कि, बाद में किसी भी प्रकार की बाधा होने पर समस्या सामने आई तो भी खैर नहीं।

खतरे को देख खाली कराएं जाय गांव

जहां पर भी बांध में रिसाव अथवा किसी भी कारण से बाढ़ का पानी गांव अथवा किसी भी आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंचने की आशंका हो उस जगह को खाली करा लिया जाय। जिससे कि जन हानि होने पाए। समीक्षा बैठक में अफसरों को निर्देश देते हुए कहा कि बांधों की निगरानी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसे अवगत कराएं तथा जरूरत पड़ने पर बाध के टूटने की अथवा रिसाव की स्थिति में आसपास के गांवों को खाली करा लिया। लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचा दिया जाय।

 

मंत्री ने डीएम को बताया एक्सपर्ट

समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने प्रभारी मंत्री को तैयारियों व बचाव कार्य से अवगत कराया। इस दौरान जब प्रभारी मंत्री ने डीएम को गांवों को खाली कराने व बांधों की निगरानी आदि के बारे में निर्देश देते हुए बचाव कार्य करने को कहा कि उन्होंने डीएम का हौसला बढ़ाते हुए गांवों कोखाली कराने लोगो को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने आदि कार्यों को लेकर एक्सपर्ट बताया। उन्होंने डीएम को एक्सपर्ट बताते हुए बताते हुए कहा कि बांधों की स्थिति आदि को लेकर सभी अलर्ट रहें।

अफसर मंत्री को नहीं दे सकें सुझाव

प्रभारी मंत्री ने जिले के अफसरों से बाढ़ से निपटने व अन्य समस्याओं को लेकर सुझाव मांगा जिसे शासन स्तर से साझा कर उसका निदान कराया जा सके। लेकिन समीक्षा बैठक के दौरान कोई भी अफसर प्रभारी मंत्री को सुझाव अथवा समस्या नही बता सका। बाद में सांसद जगदम्बिका पाल ने धन की कमी को सबसे बड़ी बाधा बताया। जिस पर प्रभारी मंत्री ने बताया कि मांग के अनुसार जिले को धन मुहैया करा दिया गया है। धन की कमी आडे़ नहीं आने दी जाएगी।

स्कूल खोलने वालों पर होगी कार्रवाई

डीएम के आदेश के बाद भी दो दिनों तक विभिन्न क्षेत्रों में विद्यालयों के खुलने की सूचना को भी प्रभारी मंत्री ने गम्भीरता से लिया। उन्होंने बीएसए को निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनश्चित करें अन्यथा बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।बीएसए ने बात को टालने की कोशिश की तो प्रभारी मंत्री ने अखबार की खबर का हवाला देते हुए विद्यालय संचालकों की मनमानी को गम्भीरता से लेने को कहा।

बाढ़ के बाद युद्धस्तर पर ठीक कराए जांएगे हैण्डपम्प

प्रभारी मंत्री ने बाढ़ के दौरान पीने के पानी की समस्या को गम्भीरता से लिया। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियन्ता को विभाग में तैनात सभी 75 अधिकारियों को बाढ़ के बाद युद्धस्तर पर सभी को लगाकर हैण्डपम्प को ठीक कराने का निर्देश दिया। साथ ही लोगों के बीच क्लोरीन की गोलियों का वितरण करने को कहा। जिससे कि पानी के अभाव में लोग बीमार न होने पाए और किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाएं।

 

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