नेपाल के पानी से यूपी में दहशत, कटान से गांव के अस्तित्व पर खतरा

नेपाल में बारिश के चलते यूपी में कुड़ा नदी में तेजी से बढ़ रहा है जलस्तर, बाढ़ से गांव के अस्तित्व पर खतरा।

सिद्धार्थनगर. नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही बारिश के बाद जिले की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। जिससे नदियों के किनारे बसे के गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। कूड़ा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बर्डपुर ब्लॉक के सेमरी गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। इससे पहले भी नदी के कटान का शिकार होकर एक दर्जन से अधिक घर नदी में समा चुकें हैं।




कूड़ा नदी के किनारे पिछले पांच साल से लगातार कटान कटान की भेंट चढ़ रहे हैं, इसके चलते गांव के लोग काफी भयभीत हैं। इससे पहले नदी से होने वाली कटान के चलते गांव के दर्जन भर से अधिक घर उसमें समा चुके हैं। उस मंजर को यादकर ग्रामीण कांप जाते हैं। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से अभी तक कटान से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। इसको लेकर ग्रामीणों में गुस्सा भी है। नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीणों की चिन्ता भी बढ़ती जा रही है। दो पहाड़ी नदियों से मिलकर बहने वाली कूड़ा नदी हर साल क्षेत्र मे तबाही की नई इबारत लिखती है। कूड़ा नदी इधर कुछ दिनों से सेमरी गांव का आस्तित्व को मिटाने को आतुर है। नदी में घर के विलीन हो जाने के बाद कुछ लोग खेतों मे झोंपड़ी आदि बनाकर गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। नदी के पानी की तेज रफ्तार को देखकर नदी के किनारे बसे गांव के आधा दर्जन परिवारों ने अपना घर भी खाली कर दिया है। लोग खेतों में झोपड़ी डाल कर रह रहे हैं। नदी की बढ़ती रफ्तार से ग्रामीणों की दहशत भी बढ़ती जा रही है। 



नदी में समा चुका है इनका अशियाना 
नदी के कटान से अब तक सेमरी गांव के सीताराम, विरजूदास, दोश मुहम्मद, रंगीलाल, नन्दराम, प्रभू तथा ठाकुर जी का मंदिर विलीन हो चुका है। यहीं नही गांव के तुलसी, विहारी, श्रीराम, रामबृक्ष गिरधारी, सोमन, जगदीश, आन्ही, पिन्टू, सुदामा व रामधनी आदि का मकान नदी के बिल्कुन किनारे है जो कभी भी नदी मे विलीन हो सकता है।



पंचायत भवन पर भी मंडरा रहा है खबरा
कूड़ा नदी से हो रही कटान से सेमरी गांव मे बना पंचायत भवन नदी के निशाने पर है। पंचायत भवन की नीव के नीचे तक नदी कटान कर चुकी है। यदि जिला प्रशासन द्वारा इसे बचाने के लिए तत्काल उपाय नहीं किया गया तो पंचायत भवन कभी भी नदी मे विलीन हो सकता है। नदी मे बढ़ रही पानी के रफतार को देखकर लगता है कि पंचायत भवन कभी भी बह सकता है।
रफतउद्दीन फरीद
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned