ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों के खिलाफ मुखर हुए ग्राम प्रधान

ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को डीएम को सौंपा ज्ञापन, गिनाई समस्या

सिद्धार्थनगर. तीन सूत्री मांगों को लेकर ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों के चल रहे हड़ताल को लेकर ग्राम प्रधान लामबंद हो गए हैं। इससे ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत व विकास अधिकारी आमने सामने आ गए हैं। गुरुवार को ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हड़ताल से खड़ी हो रही समस्या से अवगत कराते हुए कहा कि ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों द्वारा मनमानी ी जा रही है। गांवों में कोई कार्य भी नहीं कराने दिया जा रहा है। जिससे कई समस्याएं खड़ी हो रही हैं।

ग्राम पंचायतों में काम ठप हो जाने से मनरेगा मजदूरों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों का चरणबद्ध आंदोलन एक माह से चल रहा है। छह जून से ग्राम विकास अधिकारी अनिश्चतकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे गांवों में विकास कार्य ठप हो गया है। इससे पहले भी अधिकारी दो दिनों तक कलमबंद हड़ताल कर चुकें हैं।

इस दौरान गांवों में कोई भी कार्य नहीं कराया जा रहा है। छह जून से कलमबंद हड़ताल के साथ ही ग्राम विकास अधिकारियों ने ब्लॉकों में होने वाले अन्य कार्यों को भी ठप करा दिया है। एमआईएसी फीडिंग का काम नहीं होने दे रहे हैं, साथ ही मस्टर रोल भी नहीं फीड हो पा रहा है। इस कार्य मनरेगा कार्य भी ठप हो गया है। ग्राम प्रधान संघ के जिला संरक्षक श्याम नरायन मौर्या, विजय कुमार यादव, उमेश चंद्र मिश्र, जलालुद्दीन आदि ने बताया कि मस्टर रोल नहीं भरे जाने से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा सभी कार्यों पर रोक लगा दिए जाने से ग्राम पंचायतों में मनरेगा का भी काम ठप हो जाने से मनरेगा मजदूरों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।

ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या का समधान करने की मांग की है। जिससे कि मनरेगा मजदूरों के मजदूरी का भुगतान हो सके। इस दौरान सतीश सिंह, राकेश कुमार सिंह, ओम प्रकाश यादव, राम चन्द्र, महेन्द्र आदि ग्राम प्रधान मौजूद रहें।

input सूरज कुमार

 

ज्योति मिनी
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