आत्मरक्षा के लिए ट्रेंड की जाएगी इंटर की छात्रायें, जूडो-कराटे व ताइक्वाडों का मिलेगा प्रशिक्षण

Akhilesh Tripathi

Publish: Sep, 17 2017 01:33:46 (IST)

Siddharthnagar, Uttar Pradesh, India
आत्मरक्षा के लिए ट्रेंड की जाएगी इंटर की छात्रायें, जूडो-कराटे व ताइक्वाडों का मिलेगा प्रशिक्षण

बेटियों से टकराना किसी को भी महंगा पड़ सकता है। इण्टर कॉलेज की बेटियों को आत्मरक्ष के लिए ट्रेंड किया जाएगा।

सिद्धार्थनगर. राजकीय इण्टर कॉलेजों में पढ़ने वाली बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिन्तित अभिभावकों को अब उनकी चिन्ता करने की जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे जिले की बेटियों से टकराना किसी को भी महंगा पड़ सकता है। इण्टर कॉलेज की बेटियों को आत्मरक्ष के लिए ट्रेंड किया जाएगा। जिससे इन बेटियों को अपनी रक्षा के लिए किसी की जरूरत नहीं पडे़गी।

 

राजकीय इण्टर कॉलेज की बेटियों को जूडो, कराटे व ताइक्वाडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन माह के विशेष प्रशिक्षण के दौरान बेटियों को हर फन में माहिर बनाने की कोशिश की जाएगी। जिससे कि बेटियों को किसी भी कार्य के लिए किसी पर निर्भर न रहना पडे़। गांव की बेटियां भी अब अपनी रक्षा के लिए मनबढों से दो दो हाथ करती नजर आएंगी। सरकार के माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत बेटियों को सशक्त बनाने तथा शिक्षा के क्षेत्र के बेटियों के आगे लाने के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की योजना तैयार की गई है। जिससे कि भय के कारण घरों से बाहर नहीं निकलने वाली व सुरक्षा कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने वाली बेटियों के लिए यह प्रशिक्षण काफी मुफीद साबित होगा।

 

 

तीन माह तक बेटियों को जूडो, कराने व ताइक्वाडों का अलग-अलग प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे कि वह दूसरों को पलक झपकते ही ढेर करने में कामयाब होगी। साथ ही एक साथ कई हमलावरों से बचने के लिए उपायों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। मसलन अगर कहीं भागना हो या फिर गिरना हो तो बेटिया किस तरह से गिरें तो उनके शरीर ज्यादा चोट न आएं, मारपीट के दौरान ऐसा क्य करें कि जिससे कि आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हो सके। आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। जिससे बेटियां पूरी तरह से अपनी सुरक्षा कर सकें। इसके लिए सरकार की ओर से माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक जिले में विभिन्न कलाओं के कोच तैनात करने के लिए लखनऊ में इनकी भर्ती की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोच को पांच विद्यालयों में प्रशिक्षण देना होगा। एक कोच को इससे अधिक विद्यालय नहीं दिए जाएंगे। इस तरह से एक जिले में तीन से चार कोच की तैनाती की जाएगी। जो इण्टर कॉलेज की बेटियों को प्रशिक्षित करेंगे।

 

 

जिले के 16 विद्यालय की बालिकाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
जिले के जिला मुख्यालय स्थति राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज, बांसी व डुमरियागंज सहित जिले के 16 इण्टर कॉलेज की बालिकाओं को जूडो, कराटे व ताइक्वाडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिले में तीन कोच की तैनाती की जाएगी। कोच की तैनाती के लिए लखनऊ स्थित खेल निदेशालय द्वारा आवेदन करने वाले कोच का टेस्ट लेने के बाद उन्हें जिलों में प्रशिक्षण देने के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए उन्हें एक निश्चित मानदेय भी दिया जाएगा।

 

अभी तक कस्तूरबा के बेटियों को दिया जाता था प्रशिक्षण
अभी तक कस्तूरबा की बेटियों को ही आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। इसके लिए भी जिले से कोच का चयन करने के बाद उन्हें कस्तूरबा विद्यालयों में प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन इस बार इण्टर कॉलेज की बालिकाओं को भी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे कि वह भी अपनी सुरक्षा के साथ अपने साथियों की सुरक्षा में निपुण होने के साथ साथ मनबढों के छक्के छुड़ाने में निपुण हो सकें।

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