दूध उत्पादन समितियां संचालित, फिर भी मिलावट का कारोबार जारी

दूध उत्पादन समितियां संचालित, फिर भी मिलावट का कारोबार जारी
Milk adulteration

जांच एजेंसियों की लापरवाही से धंधा परवान पर

सिद्धार्थनगर. शासन द्वारा श्वेत क्रान्ति के उददेश्य से दूध उत्पादन सहकारी समितियां तो संचालित है,  बावजूद इसके जिले में लंबे समय से दूध की किल्लत बरकरार है। हालत यह है कि सफेद दूध के काला कारोबारी प्रतिदिन हजारों लीटर मिलावटी दूध बेच रहे है। जांच एजेंसियों की लापरवाही कहें  या काले कारोबारियों की मनबढ़ई ये बेखौफ होकर लोगों की सेहत से खेलकर खुद मालामाल हो रहे है। जिसके चलते जिले क हजारों मासूम मिलावटी दूध पी रहे हैं, जबकि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है। जो कागजों में ही चलने से उनका असर धरातल पर नहीं दिख रही है।


औद्योगिक इकाई विहीन इस जनपद में कृषि और पशुपालन आधारित उद्योगों की अपार सम्भावनाएं है लेकिन सरकारी कवायदों के बाद भी यहां न तो कृषि सम्बंधी उद्योगों की स्थापना हो सकी और न ही दूध उत्पादन को बढ़ाया जा सका। व्यवसायिक स्तर पर यहां डेयरी की स्थापना तो हुई लेकिन दूध का संकट दिनों दिन बढ़ता गया। उत्पादन में कमी के चलते मूल्य भी बढ़ता गया। वर्तमान में शुद्घ दूध के नाम पर लोग यहां 40 से 50 रूपये प्रति लीटर अदा कर रहे है। बावजूद इसके शुद्घता की गारंटी नही है।


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पशुपालन में किसानों की रूचि न लेने के पीछे अच्छी नस्ल के पशुओं का यहां पर न होना पशु गर्भाधान सेन्टरों की कमी, पशु डॉक्टरों का अभाव व महानगरों की अपेक्षा यहां पर दूध का उचित मूल्य न मिलना इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। कृषकों की मानें तो पहले हर गांव में चरागाह होते थे जो अब कागजों में ही सिमट कर रहे गए हैं। पशुओं का चारादाना भी महंगा हो चुका है। कम्बाइन के प्रचलन से भूसे का भी संकट सामने है। जिसके चलते सीजन में भी भूसे का दाम आसमान पर रहता है। शासन स्तर से भी पशु पालन के लिए किये जा रहे प्रयास धरातल पर नही दिखते जिसके चलते लोगों का पशुपालन से मोह भंग होने लगा है। जनपद में मात्र दुग्ध अवशीतन केन्द्र भी नहीं है। जिससे कि दूध का भण्डारण किया जा सके।             

गर्मी बढ़ने पर घट जाता है दूध का उत्पादन
गर्मी के बढ़ने पर दूध का उत्पादन घट जाता है जिससे दूध का काला बाजार तेज़ हो जाता है। मिलावट के साथ साथ सिंथेथिक दूध के बनाने का भी काम तेज हो जाता है।
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