सिद्धार्थनगर. रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ जिले के मुसलमानों ने आवाज बुलंद करते हुए जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए बुद्धिज्म व टेररिज्म के नाम पर हो रहे कत्लेआम को बन्द करने व बर्मा राष्ट्र पर दबाव बनाने की मांग की। तहफ्फुज ए मिल्लत के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे मुसलमानों ने सरकार से वर्मा राष्ट्र पर दबाव बनाने की मांग की, साथ ही साथ भारत आए रोहिंग्या मुस्लिमों को शरणाथी का दर्जा देने की मांग की।

 



 

शहर के बेलसड़ ईदगाह से जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते हुए तहफ्फुज-ए-मिल्लत के बैनर तले मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सभी ने हाथों में तख्तियां बैनर लेकर बुद्धिज्म व टेररिज्म के नाम पर हो रहे कत्लेआम को बन्द करने की मांग की। तहफ्फुज-ए-मिल्लत के संरक्षक अली अहमद की अगुवाई में सौ से अधिक की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने बेलसड़ ईदगाह से जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। सभी ने हाथों में तख्तियां बैनर आदि के माध्यम से मुस्लिमों का कत्लेआम बन्द करने की मांग की तथा भारत में शरण लेने आ रहे रोहिंग्या मुसलमानों की हर सम्भव मदद करने की मांग की।

 

प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों ने मांग किया कि आन सान सू का शांति नोबेल पुरस्कार वापस हो, सेना के द्वारा किया जा रहा कत्लेआम को बन्द किया जाय, भारत आए शरणार्थियों को जब तक शांति न हो तब तक उन्हें वापस न किया जाय, रिफ्यूजी कैम्प लगाकर उन्हें शरणार्थी का दर्जा दिया जाय। भारत सरकार वर्मा सरकार पर दबाव बनाए कि वहां के हिन्दुओं व मुसलमानों का कत्लेआम बन्द करे। संयुक्त राष्ट्र संघ के फौजी जनरल को अन्तर्राष्ट्रीय कोर्ट में पेश कर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। भारत के बर्मा एम्बैसी को सीज कर एम्बेसडर को वापस भेजा जाय। सादिक शेख, नसीम खां, आदिल अहमद, इमराज, गुलाम नबी आजाद सहित एक सौ से अधिक की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया।

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