जागरूकता रैली में ऑटो में ठूंसकर लाये गये बच्चे, रैली के बाद भटकते नजर आए मासूम

 जागरूकता रैली में ऑटो में ठूंसकर लाये गये बच्चे, रैली के बाद भटकते नजर आए मासूम

सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिला मुख्यालय पर निकाली गई रैली

सिद्धार्थनगर. सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी को पढ़ाने के लिए जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में शामिल स्कूली बच्चों ने हाथों में तख्तियां बैनर आदि के माध्यम से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। पढ़ेंगे पढ़ाएंगे देश को सशक्त बनाएंगे, बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान आदि नारों के माध्यम से सभी को स्कूल भेजने व पढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। रैली को जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने झण्डी दिखाकर रवाना किया। साथ ही रैली की अगुवाई करते हुए सभी को शिक्षित बनाने की योजना को सफल बनाने पर जोर दिया। जिससे कि सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाया जा सके।

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रैली में शामिल विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने हाथों में तख्तियों पर लिखे संदेश के माध्यम से सभी को शिक्षित बनाने पर जोर दिया। बच्चों के हाथों में रंगीन तख्तियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। पढ़ी लिखी लड़की रोशनी हो घर की, आधी रोटी खाएंगे पढ़ने जरूर जाएंगे, पापा मम्मी हम भी पढने जाएंगे, स्कूल में नाम लिखाएंगे, घर-घर चिराग जलेगा हर बच्चा स्कूल चलेगा, बिना शिक्षा मनुष्य पशु समान आदि नारों के सदेश से बच्चों ने लोगों को शिक्षा का महत्व समझाया।

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रैली में शामिल जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने बच्चों का हौसला बढ़ाने को स्वयं पैदल चलकर रैली की अगुवाई की। रैली का समापन कलेक्ट्रेट पर किया गया। जहां पर जिलाधिकारी ने सभी जिम्मेदारों के अभियान की सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि सभी बच्चे स्कूल जाएं यह हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए जो भी करना पडे सभी को मिलकर करने की जरूरत है। जिससे कि हर घर का बच्चा स्कूल जरूर जाए।

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इस दौरान बीएसए ने शत प्रतिशत बच्चों का स्कूल में दाखिला के लिए तैयार की गई कार्ययोजना के बारे में डीएम को जानकारी दी। साथ ही ड्रेस वितरण, एमडीएम आदि के बार में विस्तार से जानकारी देते हुए सर्व शिक्षा अभियान के क्रियान्वन के बारे में जानकारी दी। डीएम ने कहा कि जिसकी जो भी जिम्मेदारी है उसे समय से पूरा करें जिससे कि उसके उद्देश्य को पूरा करने के साथ ही सफल बनाया जा सके। जिला स्तरीय रैली में सभी ब्लॉकों के समन्वयक, सह समन्वयक, शिक्षक शिक्षिकाएं आदि मौजूद रहींं।

टैम्पो में ठूंसकर लाए गए बच्चे 
सोमवार को जिला मुख्यालय पर निकाली गई जागरूकता रैली में स्कूली बच्चों को शामिल करने के लिए टैम्पो में ठूंसकर लाया गया। टैम्पो में बच्चों के बैठाने के साथ ही उन्हें गाजे बाजे के साथ टैम्पों में पीछे पैर लटकाकर रस्सी की जाली बनाकर बैठा दिया गया। जिम्मेदारों ने बच्चों को जिला मुख्यालय लाते समय न तो उनकी सुरक्षा का ख्याल किया बल्कि उनकी निगरानी भी नहीं की। रैली के समाप्त होने के बाद उसी तरह से टैम्पो में ठूंसकर बच्चों को उनके विद्यालय का भेजा गया। यह सब देखते हुए भी जिम्मेदार खामोश रहे। उन्हें तो रैली में भीड़ व रैली की सफलता से मतलब था। उपरवाले का शुक्र इतना था कि कहीं पर कोई हादसा नहीं हुआ।

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रैली के बाद जैसे तैसे छोड़ दिए गए बच्चे 
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सोमवार के निकाली गई जागरूकता रैली के निकलने तक जिम्मेदार बच्चों को सहेजते दिखाई दिए। लेकिन जब कलेक्ट्रेट पर रैली का समापन हुआ तो वहां से छोटे छोटे बच्चों का बिना किसी की निगरानी में ही जैसे तैसे छोड़ दिया गया। कलेक्ट्रेट के सामने बांसी मार्ग को पार करने में बच्चो को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इतना ही नहीं रैली के बाद विभिन्न मार्गों पर बच्चों को जानकारी के अभाव में इधर उधर भटकते देखा गया। लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई चिन्ता नहीं थी। शहर व आसपास स्थित परिषदीय विद्यालयों के बच्चे जैसे तैसे एक दूसरे के सहयोग से कोई सीधे अपने घर पहुंचा तो कोई विद्यालय तक पहुंचा। लेकिन शिक्षा विभाग के मासूमों को मासूमों की कोई चिन्ता नहीं दिखी।


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जब कलेक्ट्रेट पर एक व्यक्ति से भिड़ गए शिक्षक 
सर्व शिक्षा अभियान की रैली का समापन कलेक्ट्रेट पर किया गया। इस दौरान एक व्यक्ति से शिक्षकों का विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। रैली के समापन के दौरान रैली में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने तथा इस सम्बंध में जानकारी भी नहीं देने को लेकर एक व्यक्ति ने शिक्षकों ने पूछताछ कि तो मामला बीएसए तक पहुंचा। वहां पर भी एक दूसरे कहा सुनी हुई तो विवाद इतना बढ़  गया कि शिक्षकों ने व्यक्ति को दौड़ाने की कोशिश की। हलॉकि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के बीच बचाव से मामला शांत करा दिया गया। शिक्षकों का आरोप था कि व्यक्ति ने शिक्षकों पर अभद्र टिप्पणी की थी जिसको लेकर शिक्षक काफी नाराज हो गए। जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। लेकिन पदाधिकारियों के बीच बचाव से मामला शांत करा दिया गया।




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