नीति आयोग की रैंकिंग ने बढ़ाई अधिकारियों की चिंता

Akhilesh Tripathi

Publish: Feb, 15 2018 10:15:08 (IST)

Siddharthnagar, Uttar Pradesh, India
नीति आयोग की रैंकिंग ने बढ़ाई अधिकारियों की चिंता

विभागों का इंडीकेटरवार तैयार हो रहा विवरण, जिले के साथ अफसरों को करनी है ब्लॉकों की रैंकिंग

सिद्धार्थनगर. देश के 115 व प्रदेश के आठ पिछड़े जिलों में शामिल जिले के विकास की मॉनीटरिंग नीति आयोग ने शुरू कर दी है, इससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। जिले की रैंकिंग के आधार पर ही जिले को ब्लॉकों की रैकिंग तैयार करनी होगी। जिससे कि विकास कार्यों के साथ ही कल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार दी जा सके।

 

विभागों द्वारा नीति आयोग को तीन माह की दी गई कार्ययोजना व उसके अनुपालन को लेकर कार्य किया जा रहा है। जिसके आधार पर नीति आयोग ऑनलाइन के साथ साथ भौतिक सत्यापन कर कार्यों की मॉनीटरिंग कर रहा है। जनवरी माह की मॉनीटरिंग रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों की चिंता बढ़ गई है। नीति आयोग की पहली मॉनीटरिंग रिपोर्ट के आधार पर एक माह के भीतर जिले की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

 

स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, बाल विकास विभाग के कार्यों व प्रगति में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं होने संबंधी रिपोर्ट आने से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। आयोग ने सभी विभागों की योजनावार रिपोर्ट तैयार की है। इसमे यह दर्शाया गया है कि बीते माह के आंकड़ों के साथ स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। जबकि 18 विभागों ने योजनाओं पर काम करने की कार्ययोजना भी नीति आयोग को भेजी है। इसके आधार पर ही आयोग मानीटरिंग कर रहा है।

 

जिम्मेदारों को दिया जा चुका है तकनीकी प्रशिक्षण

नीति आयोग की मंशा के तहत जिम्मेदारों को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। जिसके आधार स्थानीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वन की मॉनीटरिंग की जा सके। साथ ही ब्लॉकवार योजनाओं की मॉनीटरिंग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही विभाग व योजना के साथ अधिकारियों की भी रैंकिंग की जा सके, ताकि खामियों को चिन्हित कर उनके आधार नई रणनीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कर विकास को रफ्तार दिया जा सके।

 

इन विभागाध्यक्षों को मिली है बड़ी जिम्मेदारी

मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, परियोजना निदेशक कौशल विकास, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एलडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, विद्युत, नलकूप, जल निगम, सिंचाई व डे्रनेज, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम , श्रम प्रवर्तन अधिकारी को कार्ययोजना बनाने के साथ ही सभी योजनाओं के मानीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

BY- SURAJ KUMAR

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