तो क्या इस बार योगी राज में भूखे रहेंगे बाढ़ पीड़ित, जाने क्या है कहानी  

बाढ़ राहत सामग्री के लिए निकली निविदा में किसी ने नहीं दिखाई रुचि...

सिद्धार्थनगर. बाढ़ के दौरान राहत सामग्री आपूर्ति के लिए आपूर्ति विभाग को ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। दो बार निविदा आमंत्रित करने के बाद भी किसी ने निविदा डालने में रूचि नहीं दिखाई। जिसको लेकर विभाग हलकान है। ऐसे में बाढ़ के दौरान राहत सामग्री वितरण में समस्या खड़ी हो सकती है। 



बाढ़ की मार झेलने वाले जिले में बाढ़ के दौरान व्याप पैमाने पर बाढ़ राहत सामग्री का वितरण होना होता है। जिसकी जिम्मेदारी आपूर्ति विभाग के पास ही है। आपूर्ति विभाग को बाढ़ के दौरान पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है। इसके लिए विभाग डीएम की अनुमति पर टेण्डर निकालकर आपूर्ति के लिए फर्म का चयन करता है। 
जिसके जरिए पीड़ितों तक राहत साम्रगी पहुंचाई जाती है। 



इस बार भी इसी व्यवस्था के तहत बाढ़ के दौरान पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए फर्म के चयन के लिए निविदा आमंत्रित की गई। लेकिन किसी ने भी निविदा में रूचि नहीं दिखाई। आपूर्ति विभाग द्वारा पहली निविदा 12 जून तक आमंत्रित की गई थी। लेकिन किसी भी फर्म के द्वारा निविदा नहीं डाले जाने के कारण तिथि को बढ़ाकर 19 जून किया गया।



इस तिथि तक भी किसी ने भी निविदा नहीं डाली। इसके बाद जिलाधिकारी के अनुमति से तीसरी बार निविदा की तिथि बढ़ाकर 23 जून कर दिया गया है। 23 जून तक लोगों को निविदा डालनी है। यह समय विभाग द्वारा अन्तिम बार बढ़ाया गया है। अगर इस बार भी किसी भी फर्म ने निविदा नहीं डाली तो बाढ़ से पीड़ित होने वालों तक राहत पहुंचाने की सबसे बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।






बाढ़ के दौरान पीड़ितों में बाढ़ राहत के नाम पर व्यापार कर में पंजीकृत फर्म द्वारा चावल, अरहर दाल, आटा, चना, आलू, लाई, भुना चना, गुड, नमक, प्याज आदि सामानों की आपूर्ति की जाती है। जिससे कि पीड़ितों को खाने पीने के सामान समय समय पर मिलत रहे। लेकिन इस बार ऐसा आसार नहीं दिख रहा है। आपूर्ति विभाग में निविदा डालने को लेकर फर्मों में जिस प्रकार की उदासीनता देखी जा रही है। उससे यहीं लग रहा है कि आने वाले दिनों में भी कोई निविदा नहीं डाला तो बाढ़ के दौरान प्रशासन की काफी फजीहत होगी। 
ज्योति मिनी
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