ट्रांसफर होने से पहले ही रुकवाने को लगा रहे जुगाड़

ट्रांसफर होने से पहले ही रुकवाने को लगा रहे जुगाड़
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सभी विभागों में कई वर्ष से कुण्डली मारे बैठें हैं बाबू, ट्रांसफर रुकवाने को शुरू हुई गणेश परिक्रमा

सिद्धार्थनगर. शासन की नई ट्रांसफर नीति से अधिकारियों को बाबुओं की नींद उड़ा दी है। जून माह में शासन स्तर से होने वाले स्थानान्तरण को लेकर अधिकारियों में ही हड़कम्प मचा हुआ है। जून माह में ट्रांसफर न हो जाय इसके लिए अधिकारी व बाबू अभी से ही राज्य मुख्यालय की परिक्रमा शुरू कर दिया है। क्योंकि सभी को पता है कि इस बार ट्रांसफर हो जाने के बाद किसी भी तरह से ट्रांसफर रूकवाने का जुगाड़ सफल नहीं हो सकेगा। इसलिए अभी से ही ट्रांसफर रूकवाने को लेकर अधिकारियों कर्मचारियों ने अपनी गोटी सेट करनी शुरू कर दी है।


जिले के जिला पंचायत, जिला पंचायत राज, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, विकास भवन सहित सभी विभागों में ऐसे कर्मचारियों की संख्या दर्जन भर से अधिक है जो दो चार वर्ष नहीं बल्कि एक से डेढ़ दशक से अधिक समय से विभाग ही नहीं अपने पटल पर भी कुण्डली मार कर बैठें है। हलॉकि शासन ने विभिन्न विभागों में तैनात कर्मचारियों का पूरा ब्योरा मांगा है। कई विभागों द्वारा कर्मचारियों का ब्योरा भेज भी दिया गया है लेकिन अभी तक कई विभागों का ब्योरा शासन को नहीं भेजा जा सका है।


जिन विभागों ने अधिकारियों कर्मचारियों के तैनाती का पूरा ब्योरा भेज दिया है वहां पर लम्बे समय से जुडे़ अधिकारी व कर्मचारी अपनी कुर्सी बचाने के लिए लखनऊ की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है। अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा ट्रांसफर से पहले ही ट्रांसफर नहीं होने का जुगाड़ सेट किया जा रहा है। क्योंकि सभी को पता है कि ट्रांसफर होने के बाद फिर ट्रांसफर स्थगित अथवा मैचुअल नहीं होगा। ऐसे में ट्रांसफर लिस्ट वाले अधिकारियों कर्मचारियों की लिस्ट से अपना नाम हटवाने के लिए भी अभी से ही सेटिंग की जा रही है। जिससे कि ऐसे लोगेां के उपर ट्रांसफर की कार्रवाई न हो सके।

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सक्रिय हुआ ट्रांसफर रुकवाने का रैकेट

विभिन्न विभागों में होने वाले अधिकारियेां कर्मचारियेां का ट्रांसफर रुकवाने का रैकेट सक्रिय हो गया है। यह रैकेट जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक सक्रिय है। जो अलग-अलग विभागों के कर्मियों का नाम स्थानान्तरण लिस्ट से हट जाय इसके लिए भी पूरी तैयारी के साथ लखनऊ तक की सेटिंग की जा रही है। इसके लिए रैकेट में शामिल लोग लगातार लखनऊ तक का चक्कर लगा रहे है। जिससे कि उनका ट्रांसफर होने ही न पाए।

पत्नी व पति की तैनाती का ले रहे सहारा
नई शासन नीति के तहत पति पत्नी के एक ही जिले में तैनात करने की संस्तुति की गई है। जिसको लेकर भी कर्मचारी पत्नी की तैनाती को आधार बनाकर अपना ट्रांसफर रुकवाने का जुगाड़ लगा रहे हैं। जिससे कि किसी भी तरह से उनका ट्रांसफर न होने पाए। जबकि पति पत्नी में दोनों अगर एक ही जिले व एक ही स्टेशन क्षेत्र में अलग-अलग विभाग में तैनात है कि ऐसे लोगों में से किसी एक का स्थानान्तरण नहीं किया जाएगा। इसे आधार बनाकर भी कर्मचारी अपना ट्रांसफर रुकवाने की फिराक में लगे हुए हैं।

नीति का पालन हुआ तो सभी विभागों में बदल जाएंगे चेहरे
अगर शासन की नई स्थानान्तरण नीति का पूरी तरह से पालन हुआ और जुगाड़ पर ट्रांसफर नहीं रुका तो एक ही विभाग नहीं बल्कि जिले के सभी विभागों में अधिकारियों कर्मचारियेां का पूरा चेहरा बदल जाएगा। विभिन्न सवंर्ग के कर्मचारी पदाधिकारियों को छोड़ कर कर्मचारियों का स्थानान्तरण होने पर जिले के विभिन्न विभागों के कुछ पटलों को छोड़ दें सभी विभागों के सभी पटल पर नए कर्मचारियों का चेहरा दिखेगा।
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