दूसरे दिन भी जारी रहा शिक्षामित्रों का आंदोलन, डीएम ने सुनी समस्या

 दूसरे दिन भी जारी रहा शिक्षामित्रों का आंदोलन, डीएम ने सुनी समस्या
Shiksha Mitra

शिक्षामित्रों के समर्थन में कूदे रोजगार सेवक व सफाई कर्मचारी

सिद्धार्थनगर. समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों का आन्दोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। गुस्से के साथ बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने कहा कि जब तक उनके सम्बंध में सरकार कोई निणर्य नहीं लेती है तथा नई नीति नहीं बनाती है तब तक उनका आन्दोलन जारी रहेगा। इसके लिए सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होने का आहवान किया।

इस बीच बीएसए कार्यालय पहुंचे जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने शिक्षामित्रों से ज्ञापन लेते हुए उनकी समस्याएं सुनी और आश्वासन दिया कि उनका मांगपत्र शासन को प्रेषित कर दिया जाएगा। डीएम ने सभी शिक्षामित्रों से शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन करने की बात कहीं। उन्होंने शिक्षमित्रों को आगाह करते हुए कहा कि वह ऐसा कुछ न करें जिससे कि कानून हाथ में ले लें। ऐसा होने पर प्रशासन सख्त होगा। जिससे सभी को परेशानी होगी। डीएम के साथ सीडीओ, एडीएम, बीएसए आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।

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समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों ने कहा कि सरकार को आगे आकर उनके हित में कदम उठाना चाहिए। जिससे कि शिक्षामित्रों के सम्मान को बचाया जा सके। शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक पद पर समायोजन रद्द किए जाने के विरोध में गुरुवार को भी बीएसए कार्यालय पर संगठन का धरना प्रदर्शन जारी रहा। शिक्षामित्र संघ के दोनों संगठन के पदाधिकारी धरना प्रदर्शन में एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आहवान कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष हेमन्त कुमार शुक्ला, श्याम बिहारी चौधरी, इन्द्रजीत यादव, अशोक मिश्रा, यशवंत सिंह ने जिले भर के शिक्षामित्रों से अपनी ताकत दिखाने की हुंकार भरते हुए कहा कि जब तक सरकार हमारे लिए नई नीति नहीं बनाती है तब तक आन्दोलन जारी रहेगा।

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पदाधिकारियों ने कहा कि समायोजन रद्द करने सम्बंधी फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को विचार करना चाहिए। इसके लिए शिक्षामित्रों की मांग पर सरकार को सुप्रीम को पुर्नविचार याचिका दायर किया जाना चाहिए। जिससे कि शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। जिलाध्यक्ष हेमन्त कुमार शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने से डेढ़ लाख से अधिक शिक्षामित्रों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में शिक्षामित्रों के सामने अब कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। जिसको लेकर शिक्षामित्रों में असंतोष व गुस्सा है। अब शिक्षामित्रों को सरकार से ढेरों उम्मीद है। पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से अध्यापक नियामावली में संशोधन कर सहायक अध्यापक पद पर समायाजित करने सम्बंधी नियम बनाने पर जोर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि सरकार की ओर से ऐसा नहीं करने पर शिक्षामित्र आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार चाहे तो शिक्षामित्रों के सम्मान को वापस दे सकती है। सरकार को ऐसा करना होगा।


बीएसए कार्यालय पर जमे रहे शिक्षामित्र

समायोजन रद्द होने के विरोध में शिक्षामित्रों का आन्देालन अनवरत चलता रहेगा। गुरुवार को भी शिक्षामित्र अपनी मांगों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर डटे रहेंगे। शिक्षामित्रों का कहना है कि जब तक सरकार उनके सम्बंध में कोई फैसला नहीं लेगी तब तक उनका विरोध प्रदर्शन इसी तरह से जारी रहेगा। जिलाध्यक्ष हेमन्त शुक्ला ने कहा कि सभी शिक्षामित्र अपने विद्यालयों पर बिना हस्ताक्षर बनाए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जुटेंगे जिससे कि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

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