मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस रास्ते में हो गई खराब, कंडम वाहनों के हवाले मरीजों की जान

हांफते दौड़ रहे जिला चिकित्सालय से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो मे लगे एंबूलेंस वाहन, सिहावल से आ रही एंबूलेंस सम्राट चौक के पास हुई खराब

By: op pathak

Published: 03 Jan 2020, 02:34 PM IST

सीधी। मरीजों को तुरंत चिकित्सा सुविधा दिलाने में मददगार एंबुलेंस खुद बीमार है। जिले में संचालित हो रही अधिकांश एंबुलेंस 3 लाख किमी तक चल चुकी हैं। इसके बाद एंबुलेंस को कंडम मान लिया जाता है। इसके बावजूद एंबुलेंस की गाडियां दौड़ रही है। पुरानी होने के चलते कई बार खराब भी हो जाती हैं। जिससे मरीज की जान को भी खतरा है। फिर भी बदलने को लेकर कंपनी व स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से कोई गंभीरता नहीं बरती जा रही है। कंपनी के द्वारा भी लगाई गई 108 एंबूलेंस सेवा भी बीमार हो चुकी है, स्वास्थ्य प्रशासन के द्वारा बदलने के लिए कई बार कंपनी को कहा जा चुका है, इसके बाद भी पुराने वाहन से ही मरीजो को ढोया जा रहा है।

जिले में दूरदराज क्षेत्र में दुर्घटना के घायलों और मरीजों को जिला चिकित्सालय लाने में एंबुलेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लेकिन पुरानी होने के कारण ये मरीजों के लिए मुसीबत भी साबित हो जाती हैं। कई बार रास्ते में खराब होने की स्थिति भी आई है, जिसके चलते देरी से मरीज को चिकित्सा उपलब्ध होने के मामले भी सामने आए हैं। लेकिन एंबुलेंस के कार्मिक मरीजों की देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। इसलिए मरीजों के साथ किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई है। जबकि पुराने वाहन के चलते तो मरीज के साथ कुछ भी हो सकता है।

तीन लाख किमी के बाद बदलनी होती है एंबुलेंस
विभाग के जानकार बताते हैं कि एंबुलेंस को 3 लाख किमी संचालन के बाद कंडम मान लिया जाता है। इसके बाद वाहन को बदलना जरूरी है। ऐसा इसलिए है कि एंबुलेंस आवश्यक सेवाओं में शामिल है और मरीज की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण होने के कारण बिना किसी बाधा के मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना प्राथमिकता है। पुरानी एंबुलेंस के रास्ते में खराब होने की चिंता संचालन करने वाले कािर्मकों को भी सता रही है। जिले में केवल 6 एंबुलेंस ही नई हैं। इसके अलावा एक दर्जन एंबुलेंस पुरानी ही दौड़ रही हैं जो कंडम हो चुकी है।

सिहावल से आई एंबुलेंस शहर पहुंचकर हुई खराब
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिंहावल से एक मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य प्रशासन के द्वारा मरीज को जिला चिकित्सायल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराई गई, किंतु यह एंबुलेंस वाहन मरीज को जिला चिकित्सालय ला रहा था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही शहर के सम्राट चौक मे खराब हो गई। गरीमत यह थी कि वाहन अस्पताल से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर ही खराब हुआ, जिससे परिजनों के द्वारा शीघ्रता बरतते हुए आटो से जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, सही समय पर उपचार मिल जाने के कारण मरीज की जिंदगी बच गई।

op pathak Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned