जिले की दो सैकड़ा गांवो मे अब तक नहीं खुल पाए आंगनवाड़ी केंद्र

जिले की दो सैकड़ा गांवो मे अब तक नहीं खुल पाए आंगनवाड़ी केंद्र, ५८ हजार की आबादी दूसरे गांवों के केंद्रो पर निर्भर, लगातार बढ़ते कुपोषण पर नियंत्रण कर पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती

By: op pathak

Published: 23 Apr 2020, 11:04 PM IST

सीधी। बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ ही अन्य तरह से बेहतर देखभाल के लिए खोले जाने वाले आगनबाड़ी केंद्र अब तक हर गांव में नहीं खुल पाए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इसके लिए कई वर्षों से बड़ी रकम खर्च की गई है लेकिन अब तक हालात में कोई सुधार नहीं हो सका है। सीधी जिले में अकेले करीब दो सैकड़ा गांव ऐसे हैं, जहां पर आगनबाड़ी केंद्र नहीं खुल पाए हैं।
स्थानीय स्तर पर इसके लिए प्रयास भी किए गए लेकिन व्यवस्था को मूर्तरूप नहीं दिया जा सका। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति अब भी चिंतनीय है, बड़ी संख्या में कुपोषण के मामले सामने आ रहे हैं। दूसरे गांवों तक आगनबाड़ी कार्यकर्ताएं न तो पहुंच पा रही हैं और न ही गांव के लोग केंद्र तक आते हैं। पूर्व में प्रदेश सरकार की ओर से यह कहा गया था कि हर गांव में आगनबाड़ी केंद्र खोले जाएंगे। यह भी अन्य सरकारी घोषणाओं तक सीमित रह गया।
पोषण आहार वितरण में भी मनमानी-
सीधी जिले में एक हजार कुल राजस्व ग्राम हैं। इसमें से कई क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से छोटे भी हैं। शहरों एवं कुछ गांवों में जनसंख्या के घनत्व की वजह से एक से अधिक केंद्र खोले गए हैं। कोरोना वायरस को लेकर वर्तमान में तो एक भी केंद्र नहीं खुल रहे हैं। इसके कारण हालत और भी नाजुक बनी हुई है।
किशोरियों व गर्भवती महिलाएं भी हो रही हैं प्रभावित-
राज्य व केंद्र की सरकार के द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से मासूम बच्चों के साथ गर्भवती धात्री महिलाओं के साथ किशोरियों के लिए कई योजनाएं संचालित करता है। जिसका समुचित लाभ जिले के २१२ गांव के किशोरियों व गर्भवतियों को नहीं मिल पा रहा है। यहां तक किशोरियों के लिए आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से उपलब्ध होने वाले पैड का भी लाभ इन गांव के ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है वहीं गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार की भी सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण गरीब आदिवासी महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त पोषित भोजन नहीं नसीब हो पाता है, जिसके कारण उनके बच्चे कुपोषित पैदा हो रहे हैं।
५८ हजार की आबादी प्रभावित-
जिले के जिन गांवो मे आंगनवाड़ी केंद्र नहीं खोले गए हैं वहां की एक बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है। २१२ गांवो की ५८ हजार २९ लोगों को आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
फैक्ट फाइल-
*२१२ गांव आंगनवाड़ी केंद्र विहीन
* ५८ हजार २९ लोग हो रहे प्रभावित

op pathak Reporting
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