भागवत कथा: कीर्तन से अहंकार और अनुकीर्तन से विनम्रता का जन्म होता है

सीधी के पूजापार्क में चले श्रीमद्भागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु

By: Anil singh kushwah

Published: 07 Jan 2019, 06:47 PM IST

सीधी. शहर के पूजापार्क में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भागवताचार्य ने कहा कि कीर्तन से अहंकार और अनुकीर्तन से विनम्रता का जन्म होता है। मौके पर श्रीकृष्ण रसामृत सेवा समिति के भक्तगण अंजनी सिंह, सौरभ सोमालोब, गणेश सिंह चौहान डेम्हा, संतोष रेखा सिंह, संजय सिंह दुअरा, एपी सिंह बघेल, डॉ.श्रीनिवास शुक्ल सरस सहित अन्य ने कथा का रसापान किया।

इधर, शिक्षा ही विकास की कुंजी
सीधी. अखिल भारतीय कोरी समाज जिला इकाई सीधी द्वारा चुरहट के पचोखर में नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य कोरी ने कहा कि किसी भी समाज के चहुंमुंखी विकास की कुंजी शिक्षा है। इसके बिना बौद्धिक, सामाजिक, आर्थिक विकास असंभव है। इसलिए समाज के सभी लोगों को अपने बेटे-बेटियों को हर हालत में पढ़ाना-लिखाना चाहिए।

कोरी समाज का नववर्ष मिलन समारोह
नए वर्ष के उपलक्ष्य पर आप सभी लोग संकल्प लीजिए कि नशा त्यागकर हम सभ्य और जागरूक समाज का निर्माण करेंगे। संरक्षक शंभू प्रसाद कोरी ने कहा कि हम सबको संगठित होकर अपने समाज के सम्मान की चिंता करनी पड़ेगी। इसके लिए अपने समाज के पढ़े-लिखे नौजवानों और कर्मचारियों को अपना समय निकाल कर लोंगो के बीच जाना पड़ेगा। कार्यक्रम में चित्रसेन कोरी, बुद्धसेन कोरी, रामनरेश कोरी, छोटेलाल कोरी, लालमणि कोरी, बहादुर कोरी, रामधनी कोरी, शिवप्रसाद कोरी, तेजवली कोरी, तिलकधारी, राजेंद्र, सोनू, रजोले, पारस, काशी, रघुवीर, अनीता, मनीषा, शुकमंती, देवकली, सीताकली, सीता, मनऊआ सहित अन्य उपस्थित रहे।

Anil singh kushwah Desk
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